वैक्सीन पर राजनीती काहे?

क ओर जहां दुनिया भर में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे खातिर तरह तरह के दवाई आ वैक्सीन के खोज हो रहल बा। ओहीजा भारत में दूगो वैक्सीन के आपातकालीन मंजूरी मिलला आ एकरा बाद व्यापक रुप से एकरा टीकाकरण अभियान के शुरुआत भइला के बाद, जहां देश के जनता के संगे संगे कइगो दोसरो देश में उम्मेद आ विश्वास के किरिन जागल बा। त ओहिजा अपना देश में एह मामला में अब राजनीति के मिलावट हो गइल बा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सहित कई पार्टीयन के नेता एह मामला में आपन बयान दे चुकल बाड़े। जब देश के प्रधानमंत्री देश में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के शुरुआत करत रहलें ओह समय में विपक्ष के ओर से ई बेयान आइल कि प्रधानमंत्री काहे ना ई वैक्सीन पहिले लगवावत बाड़े? अगर देखल जाओ त ई राजनीति देशहित में नइखे। भारत में वैक्‍सीन के मंजूरी देवे पर एगो राजनीतिक मुहिम शुरू भइल बा आउर एह मुहिम में छत्तीसगढ़, पंजाब, झारखंड आ पश्चिम बंगाल जइसन राज्य शामिल बाड़े। एह राज्यन के मुखिया लोग के भारत के मेड इन इंडिया “कोवैक्‍सीन” पर भरोसा नइखे जवना के कारण ई राज्य अबहीं ले एह वैक्सीन के अपना ईहां मंजूरी नइखे देले।

भारत में कोरोना की जवन दूगो वैक्‍सीन के मंजूरी दिहल गइल बा। ओहमें से एगो बा कोवैक्सीन, जवन कि भारत के स्वदेशी कंपनी भारत बायोटेक विकसित कइले बा आउर दूसरका हऽ, कोविशील्‍ड जवना के ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के संगे एस्ट्रेजेनेका कंपनी तइयार कइले बा। कोविशील्ड के बारे में खास बात ईहो बा कि भले एह वैक्सीन के तइयार करे वाला दूनु प्रमुख संस्थआन विदेशी बा बाकिर एहमें भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया नांव के कंपनीयो के हिस्सा बा आ ई कंपनी एह वैक्सीन के उत्पादनो कर रहल बिया।

अब सवाल ईहे बा कि आखिर कवन अइसन कारण बा कि कोरोना वैक्सीन के लेके देश में राजनीती हो रहल बा? का देश के नेता लोग के अपना देश के वैज्ञानिक आ डॉक्टरन पर भरोसा नइखे? का जवना वैक्सीन के लेके दुनिया भर के देशन से भारत के बधाई मिल रहल बा ऊ वैक्सीन कारगर नइखे? कहीं अइसन त नइखे कि विरध के नांव पर विरोध ह रहल बा, आ एकरा पाछा खाली आपन राजनीती के रोटी सेंके के विचार होखे। खैर, एह दुनु वैक्सीन से का फायदा आ नोकसान बा ई त आवे वाला समय ही बता सकत बा, बाकिर अबहीं खातिर ईहे नीमन खबर बा कि 16 जनवरी के देशभर में एक लाख एकानबेर हजार स्वास्थयकर्मीयन के ई टीका लागल आ अबहीं ले कहीं से कवनो प्रकार के वैक्सीन से समस्या के खबर नइखे मिलल।

आर.पी.तिवारी

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