लौह पाद से प्रवेश करत विक्रम संवत 2078

विक्रमी संवत 2078 के शुरुआत हो रहल बा आज से, एह दिन के सनातन परंपरा के लोग आपन नववर्ष कहेलें। भारत के संगे-संगे दुनिया के कोना-कोना में रहे वाला सनातनी लोग एह दिन के हर्ष आ उल्लास से मनावेलें। त आईं रउओ पढ़ीं नववर्ष पर तारकेश्वर राय तारक जी के लिखल ई आलेख।

आज हमनी के हिन्दू रीती के अनुसार नवका साल के समहूत हो रहल बा | विक्रम संवत् 2078 चइत अंजोर एकम, 13 अप्रैल 2021 अर्थात आज पहिला दिन ह नव सवंत्सर के। हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार आजे से हमनी के नवका साल के शुरुआत होला, ए बेर एके घरे रहके बन्धु बांधव हित मीत के संचार माध्यम से बधाई सन्देस भेजके, मनवला के काम बा, अभी महामारी उफान पर बा, त एहतियात बरतल भी जरूरीये बा, समूह में मनवला से बचहीं के परी, भीड़ भाड़ से दूर रहल ही समय के जरूरत भी बा, जान बा त् जहांन बा, अंग्रेजी के नवका साल नीयन एहुके मनावल जरूरी बा, ताकी आवे वाला पीढ़ी आ बर्तमान पीढ़ी भी एकरा के जानो आ अपना मानस में एकरा प्रति आस्था जन्मावे – रउवा अगर जानत बानी त अउरी लोग के बताई। एह लुत्ती के फूँक फूँक उधियवला के काम बा | बिडम्बना बा कि धीरे धीरे हिन्दू कैलेंडर तिथि सामान्य शहरी जीवन से त खत्मे बा आ अंग्रेजी माध्यम से पढ़ल लिखल समाज के कमें लोग के पता बा एकरा बारे में, खाली पूजा पाठ शादी बियाह भा अउरी अन्य मांगलिक काम के करे खातीर ही एह तिथियन के उपयोग हो रहल बा, रोजमर्रा के जिनिगी से धीरे धीरे खतम हो रहल बा हिन्दी तिथी ।

जेतना हम अपना गुरुजन भा बूढ़ पुरनीया लोग से सुनले बानी उहे रउरा सभे के सोझा राखत बानी भारतीय परम्परा के हिन्दू कैलेण्डर के हिसाब से ई नया साल काहे विशेष मानल जाला –

हमनी के जवन पंचांग बोल चाल के भाषा मे पतरा के प्रयोग मांगलिक कार्य के तिथी खातीर करिनिजा ओकरा अनुसार हिन्दी महीना के शुरूआत एही दिन से होला|

देखी ना,फेड़-रुख मे नावा पतई, फूल, मंजर, कली एही समय पनक रहल बा, चारु ओरी नवका ख़ुशी लउक रहल बा । जेकरा के देख के हियरा जुड़ा जाता | नवरातर क भी आजे से शुरुआत हो रहल बा | उपवास राख के पवित्र मन से पूजा पाठ क के नवका साल के समहुत करे के बिधि बतवले बा पुरनिया लोग | केतना उत्तम आ दुरगामी सोच रहे आपन पुरनिया लोग के ।

न ठंढा लागता न ढेर गरमें होता, पूरा मनोरम मनोहारी मौसम बा | प्रकृति भी नावा नावा सिरीजन में बाझल लउकत बिया | चारु ओर प्रकृति के नेह पियार दुलार बरस रहल बा | एहि निर्मलता अउर कोमलता के बीच प्रकट हो रहल बा हमनीं के आपन हिन्दी के नवका साल।

हमनी के ग्रंथन के अनुसार चईत महीना के वैदिक नाम रहे -मधु मास। मधु मास माने आनन्द के बांटत वसंत के महिना। एह मौसम के खूबी ह, फेड रुख कुल्हिये के ई खिला देला। पाकल मीठ अन्न के दाना में, मन के लुभावत महुवा के खुशबू में, कोयल के गूंजत मिठ बोली में, ई समा जाला, प्रकृति के एह रूप के देखी के सभे आनन्द में माते खातीर मजबूर बा, अपना भोजपुरिया बघार में |

सगरो सिवान पाकल फसल से भरल बा, खेतिहर के मेहनत के फल घरे आवे खातिर उतावला हो रहल बा | खेत खरिहान मनसाइन बा, चारु ओरी चहल पहल बा, कटनी के हलचल सुना रहल बा, परदेश गईल मजूर लोग भी गावं लौटे के तैयारी में लाग गइल बा, आ भी रहल बा, काहे की रोजी रोटी एह समय गावहीं भेटा जाई आ घरहूँ के खेती में मदद हो जाई | हंसुआ के मंगलमय खर-खर करत आवाज अउरी खेतन में मलिकार लोग के डांटत-डपटत-मजाक करत आवाज, एगो आम नजारा हो गइल बा हर गाँव के सिवान में । चईत क आइल माने खेत खरिहान में हंसी-खुशी के हावा बहे चालू हो गइल बा । दिन भर के मेहनत से थाकल लोकमन चइता गा के अपना खातीर नावा ऊर्जा के जोगाड़ करत लउकता।

नवका फसल के घरे आवे के ख़ुशी में सभ सवांग आपन फरमाइश के लिस्ट तैयार करे में लागल बा | नवका अनाज के धरे खातिर जगहा बनावे में भी कुछ लोग बाझल बा | नवा उम्मीद आ नाया सपना आँख क सोझा नाचता आ ओकर पूरा होखे के उम्मीद भी साफ नजर आवता फसल के रूप में | आगे भगवान के मरजी।

त आई ना हमनीके कुल जाना मिल के चईत अजोरिया के पहिलका दिन के नावा साल के रूप में मनावे के संकल्प लिहिं जा | अंग्रेजी के नवका साल मनवली जा एहुके मनावल जा । उत्सवधर्मि समाज के रूप में पहचान ह हमनीके।

आज अंग्रेजी के 13 अप्रैल 2021 मंगर के हिन्दू के नवका साल सपरिवार बंधु बांधव सहित मनावल जाई न?

*** विक्रम संवत 2078 यानी कि आपन नवका साल के अनघा बधाई बा, आशा बा राउर जिनिगी में कामयाबी, खुशियाली लेके आई ई नवका संवत्सर। ****
✍️ तारकेश्वर राय “तारक”
गुरुग्राम, हरियाणा

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