सेल्फी

आज जब कोरोना महामारी के दोसरका लहर में विश्व के संगे-संगे आपन देश भारत जूझ रहल बा। अइसन विपत्त काल में जब सभे अपना अपना घर में रहे खातिर मजबूर बा, आ अकूला रहल बा त रउआ लोग खातिर भोजपुरी समय लेके आइल बा हास्य-व्यंग्य के रस में सराबोर समसामयिक विषय पर भोजपुरी आ हिन्ही के प्रसिद्ध साहित्यकार आ छंद विधा के जानकार श्री अमरेंद्र कुमार सिंह जी के ई लेख ”सेल्फी” सेल्फी हम चाहे रउआ कइसन लागत बानी, ,ई जाने के सुरूआत कइसे भइल, येकरा बारे में पूरा जानकारी…

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हास्य – व्यंग्य भोजपुरी का आगे बढ़ी !

‘‘खूब भइल । इहे नूँ भोजपुरी के असली कवि सम्मेलन भइल हवे । कुछ लोग हमनी के कविता ना होखे देवे खातिर साजिश रचले रहल हवे । हमनी के ओकरा के विफल कर दिहनी । जय हो ! जय हो !

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भुकभुकवा के छापाखाना

कोरोना महामारी आ एकरा कारण भइल वैश्विक लॉकडाउन के कारण घर में बइठल बइठल सभकर मन अगुता गइल बा। अइसन में जहां सरकार के द्वारा धीरे धीरे लॉकडाउन खोले के प्रक्रिया शुरु हो चुकल बा आ जिनगी के गाड़ी अपना पटरी पर लवट रहल बिया। त एह समय में रउआ सभे के अपना चुटीला हास्य व्यंग्य के रचना से हंसावे आ गुदगुदावे खातिर भोजपुरी समय.कॉम लेके आइल बा दिल्ली एनसीआर में भोजपुरिया कवि के नाम से विख्यात प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि आ भोजपुरी साहित्य सरिता के संपादक आदरणीय जयशंकर प्रसाद द्विवेदी…

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