‘सूपवा बोले त बोले चलनियों बोले, जेम्मे बाटे बहत्तर छेद’

भोजपुरी साहित्य के सुप्रसिद्ध पत्रिका भोजपुरी साहित्य सरिता के  संपादक, सुप्रसिद्ध साहित्यकार, व्यंग्यकार के संगे संगे भोजपुरी भाषा के प्रखर पैरोकार श्री जयशंकर प्रसाद द्विवेदी उर्फ जे.पी.भइया के लिखल एगो टटका व्यंग रचना के पढ़ीं आ भोजपुरिया बधार में उपस्थित लक्षणा आ व्यंजना के आनंद उठाईं। का जमाना आ गयो भाया,जेने देखी, भउका भर-भर के गियान बघारल जा रहल बा। गियान बघारे का फेरा में दरोगा, सिपाही से लेके जेब कतरा आ चोरन के सरदारो तक लागल बा लो। अपना लोक में एगो कहाउत पुरनिया लोग क़हत ना अघालें कि…

Read More