भोजपुरी काव्य में बिम्ब विधान – डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’

लॉकडाउन के दौरान घर में बइठल बइठल रउआ मन में भी कुछ भाव आवत होखी, जवना के रउआ कविता के रुप में कागज भा लैपटॉप या मोबाइल पर लिखत होखेब। आ अगर रउआ एह में कहीं कवनो परेशानी बा आ चाहे कविता कइसे लिखल जाओ, कविता में बिम्ब के प्रयोग कइसे होखे कि ऊ आउर सुघर बन जाओ। त रउआ खातिर ही ई पोस्ट बा जवन लिखले बानी भोजपुरी के विद्वान आ लंगट सिंह कॉलेज मुजफ्फरपुर में भोजपुरी भाषा विभाग के विभागाध्यक्ष आदरणीय डॉ. श्री जयकांत सिंह ‘जय’ त पढ़ीं…

Read More