बदलत परम्परा

ए जमुना? जमुना…. कहाँ बाड़े रे बचवा? ई त बड़की माई के आवाज ह। आव बड़की माई आ जो… गोड़ धरतानी ये बड़की माई । अरे ! छोटकू तू कब अइलsह बचवा ? बाड़ न ठीक ठाक दुल्हिन आ बाल बच्चा के ना ले अइल हs ? बड़की माई सभे आपन पढ़ाई लिखाई आ काम धन्धा में बाझल बा । अम्मा के तबियत खराब के समाचार मिलल ह देखे आ गइनी हs । बड़ा निमन कइल हs ये बचवा । भगवान जीव जाँगर बनवले राखँस… बड़की माई कहलस । जीजी…

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घर बदलल जर बदलल – बदल गइल रहन

ई साँच बा कि समय के साथ सोच शरीर आसपास आम खास कुल्हिये कुछ ना कुछ बदली जाला । ई बदलाव देंखि के जीनिगी प्रभावित त होखबे करेले । देंखि ना पिछला कुछ साल में हमनीके समाज खुबे बदलल बा। बदलाव के बयार से शहर पर भार बढ़ल त उ गाँव की ओर लपकल पहिले त सिवान खेत बघार के घोंटलस आ आगे मुहे बढ़े के काम अबहियो चालुये बा। गाँव शहर भइल त माहौल बदलल आ माहौल के बदलाव से अदमी के सोच समझ बदल गइल, धन ज्ञान जजात…

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