छठ आउर सूर्य पूजा

कार्तिक मास के अमावस मने दियरी के चउथा दिन से शुरु हो जाला प्रकृति आ साय़ात देव भगवान सूर्य के उपासना के महापरब छठ। चार दिन ले चले वाला एह महापरब में भगवान सबर्य के उपासना के का महात्म बा, काहें उनकर पूजा कइल जाला एह पर अपना लेख के माध्यम से प्रकाश डाल रहल बानी भारत से लाखन किलोमीटर दूर रहे वाला श्री रुद्र दुबे जी। त आईं पढ़ल जाव रुद्र दुबे जी के ई आलेखः  छठ आउर सूर्य पूजा “ओम ह्रीं ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” छठी मइया…

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विजयादशमी : एगो समूहवाची अभिव्यक्ति

विजयादशमी पर्व शक्ति के पर्व ह। एगो अइसन शक्ति जवन अन्याय के विरोध आ न्याय के साथ देवे। एही विजयादशमी पर्व पर भोजपुरी समय पर पढ़ीं भोजपुरी के वरिष्ठ साहित्यकार आ विद्वान श्री परिचय दास जी के लिखल ई भोजपुरी ललित निबंध  “विजयादशमी: एगो समूहवाची अभिव्यक्ति” विजयादशमी शक्ति क उत्सव ह , मंगल क हेतु. कइसन शक्ति ? जवन अन्याय क प्रतिरोध करे, जवन निर्बल के संबल दे. जवन करुना के समन्वित क के पुरुषार्थ के आधार बनावे. ‘ जे लरै दीन के हेत सूरा सोई ‘ . हर केहू…

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