लॉक डाउन से निफिक्र रसूखदार

के जानता नियति के नियत के ? कोरोना बेमारी के बारे में इ कहल बेजाँय त नहिये कहाई आजु काल के हालात के देखि के । सगरी संसार के ई बेमारी ध के पटक देले बिया भुइँया लोट के छटपटइला के सिवा खाली एकही रस्ता बतावता दुनियाँ के जान बचावे में माहिर जनकार लोग की साफ़ सफाई से एकन्ता दुरी बना के रहे से ही जान बाँची । ना केहू बहरी से आवो ना बिना कवनो खूबे जरूरी काम के केहू घर के चौखट लाँघो। तबे बाँची जिनिगी । अइसन…

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