भोजपुरी भाषा के इतिहास

भोजपुरी बोली/भाषा वैदिक “ब्रीही”संस्कृति क उद्भव जउन क्षेत्र में भइल ओही क्षेत्र में शुद्धोधन क यशस्वी पुत्र गौतमबुद्ध,पालिभाषा के”भात”संस्कृत क्षेत्र में आपन चारिका पूर्ण कइलं,जेके आधुनिक भाषा में “भोजपुरी क्षेत्र”कहल जाला। हालांकि ग्रियर्सन,उदय नारायण तिवारी, डा०बुकान्न वगैरह बिहार स्थित भोजपुर नामक गाँव के नाम पर भोजपुरी भाषा क नामकरण स्वीकार कइले हं।भोजपुर गाँव, भोजपुर नगर अउर भोजपुरी राज्य के नामकरण क आधार इ सब विद्वान धारा नरेश राजा भोज के वंशकरन द्वारा आवर्त मान के भोजपुर नामक स्थान से भोजपुरी भाषा क पैदाइश मनले हं। भाषाई विश्लेषण से ज्ञात होला…

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नायक के कमी से जूझत भोजपुरी सिनेमा के एगो खेवनहार के तलाश

लगभग साठ साल से अधिक समय से भोजपुरी फ़िल्म हमनी के देश में बन रहल बाड़ी सन लेकिन अचरज के बात ई बा कि हमनी के आज तक ले एगो स्थापित भोजपुरी फ़िल्म जगत के कलाकार ना खोज पवनी जा । लोक कलाकारन के खान मानल जाए वाला बिहार आ उत्तर प्रदेश के धरती त हजारन कलाकार उपराज दिहली लेकिन एको कलाकार अइसन ना भइलें जे तमिल के रजनीकांत लेखा भोजपुरी में आपन उपस्थिति दर्ज करवा सके । अइसन एको जाना ना भइलें जिंहिका एक आवाज़ प लोग बाग एक…

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हास्य – व्यंग्य भोजपुरी का आगे बढ़ी !

‘‘खूब भइल । इहे नूँ भोजपुरी के असली कवि सम्मेलन भइल हवे । कुछ लोग हमनी के कविता ना होखे देवे खातिर साजिश रचले रहल हवे । हमनी के ओकरा के विफल कर दिहनी । जय हो ! जय हो !

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सारण भोजपुरिया समाज ऑनलाइन कवि सम्मेलन से जयंती पर वीर कुंवर सिंह के दिही श्रद्धांजलि

सारण भोजपुरिया समाज ऑनलाइन कवि सम्मेलन से जयंती पर वीर कुंवर सिंह के दिही श्रद्धांजलि भोजपुरी समय, शैलेंद्र तिवारी, सारणः सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भा क्रांति के महानायक बिहार के शान बाबू वीर कुंवर सिंह के आज 243वां जन्मदिन पर सारण भोजपुरिया समाज ऑनलाइन कविगोष्ठी सह गीत गवनई के द्वारा आपन श्रद्धांजलि दिही। एह कार्यक्रम में सारण भोजपुरिय समाज के तमाम सदस्य आ जवना में पूर्वांचल रत्न से सुशोभित हास्य कवि बादशाह प्रेमी, लोकगायिका संजोली पांडेय, प्रीति कुशवाहा आ गायत्री यादव के संगे-संगे यूपी के बलियां से लोकगायक…

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भोजपुरी में भी होखो पढ़ाई

भारत के शि‍क्षा आउर भाषा भारत में शि‍क्षा आजकल खाली अंग्रेजी अउरी हि‍न्‍दी में ही सि‍खावल जाला। हालांकि‍ दक्षि‍ण क्षेत्र के साथ साथ पश्‍चि‍म बंगाल, असम, नागालैंड, मि‍जोरम, गुजरात, महाराष्‍ट्र, केरल आदि‍ राज्‍यन में आजो स्‍थानीय भाषा में शि‍क्षा दि‍हल जाला। हमनी के संवि‍धान में हि‍न्‍दी के आधिकारिक भाषा के दर्जा दि‍हल गईल बा आ अंग्रेजी के अंतराष्‍ट्रीय भाषा के। संवि‍धान में 22 गो स्‍थानीय भाषा के जगह दि‍हल गइल बा मगर भोजपुरी के कहीं भी स्‍थान नइखे। हमनी के हि‍न्‍दी भाषा बोले वाला क्षेत्र में कवनों स्‍थानीय भाषा में…

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