‘संत कबीर के सगुनोपासना’ – डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’

महान संत कवि कबिर दास जी के जयंती पर पढ़ीं डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’ के कबिर दास के सगुनोपासना पर लिखल ई आलेख ‘संत कबीर के सगुनोपासना’ – डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’ संत कबीरदास के बारे ई आम राय बा कि ऊ उत्तर भारत में निरगुन भक्ति धारा के पहिल संतकवि हवें। बाकिर हमरा समझ से कबीरदास खाली निरगुनिए भक्ति धारा के संत नइखन। ऊ सुगुन भक्ति धारा के भक्तो बाड़न। बाकिर ओह तरह से ना जइसे सगुन भक्ति धारा के संतकवि तुलसीदास बाड़न। तबो जे अपना नाम के पाछे दास लगवले…

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