फगुआ के बदलत स्वरूप

फगुआ के बदलत स्वरुप फगुआ कहते जवन चित्र दिमाग में उभरेला उ ह भोजपुरिया फगुआ के सामूहिकता के भाव । फागुन गजिबे महीना ह । फगुनी बयार एगो अलगे उमंग आ ख़ुशी के अहसास करावेली । प्रकृति से लेके जनावर आ अदिमी तक के ऊपर एकर खुमारी के असर लउके लागेला । अधपक गहूँ, हरियर मटर, पियराइल सरसो के फूल से सजल खेत….ओने आम के मोजर प इतरात भौंर आ एने महुवा के रसगर कोंच, फगुनी बयार के साथे कोल्हुवारे से आवत नावा गुर के सोन्ह सुबास … मन मस्त…

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