लुप्त होखत फगुवा

माघ के बसंत पंचमी से शुरु होखे वाला फगुनी बयार आ ओकरा संगे शुरु फगुआ गावे के परंपरा अब बिला रहल बा। एही सभ पर अपना लेखनी के जरिए आपन चिंता जाहिर कर रहल बानी भोजपुरी के सुप्रसिद्ध ई पतिरिका सिरिजन के उपसंपादक श्री तारकेश्वर राय तारक जी। सभके परनाम आ जय भोजपुरी आज गांव के फगुआ के बड़ा इयाद आवता। कबो नीक फगुवा गावल गाँव के इज्जत बढ़ावत रहे, अब उ परम्परा हांफत बीया ओकर दम बन्द होखहीं वाला बा।  अपना अस्तित्व के बंचावे ख़ातिर हाँथ गोड़ पटकत लउकतीया।…

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नेपाल में फगुआ के दिने बेसी शराब पियला से मरे वाला के संख्या 6 पर चहुंपल

नूर आलम बादशाह, भोजपुरी समय, नेपाल : नेपाल के धनुषा जिल्ला के क्षिरेश्वरनाथ नगरापलिका वार्ड नंबर 3 स्थित रमदैया में फगुआ के अवसर पर अधिका शराब पियला से मरे वाला लोगन के अब तकले 6 के संख्या चहुंप गइल बा। जबकि शराब पियेवाला में से तीन जना के हालत गम्हीर बनल बा । स्थानीय पुलिस के अनुसार शराब पियेवाला तीन आदमी बुध के दुपहरिया आ दू आदमी बियफे के रात में आपन जान गंववले बाड़े। एकरा अलावा स्थानीय लोग के मोताबिक एक आदमी के तीन दिन पहिलहीं मृत्यु भइल बा। मरे…

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फगुआ के बदलत स्वरूप

फगुआ के बदलत स्वरुप फगुआ कहते जवन चित्र दिमाग में उभरेला उ ह भोजपुरिया फगुआ के सामूहिकता के भाव । फागुन गजिबे महीना ह । फगुनी बयार एगो अलगे उमंग आ ख़ुशी के अहसास करावेली । प्रकृति से लेके जनावर आ अदिमी तक के ऊपर एकर खुमारी के असर लउके लागेला । अधपक गहूँ, हरियर मटर, पियराइल सरसो के फूल से सजल खेत….ओने आम के मोजर प इतरात भौंर आ एने महुवा के रसगर कोंच, फगुनी बयार के साथे कोल्हुवारे से आवत नावा गुर के सोन्ह सुबास … मन मस्त…

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