विजयादशमी : एगो समूहवाची अभिव्यक्ति

विजयादशमी पर्व शक्ति के पर्व ह। एगो अइसन शक्ति जवन अन्याय के विरोध आ न्याय के साथ देवे। एही विजयादशमी पर्व पर भोजपुरी समय पर पढ़ीं भोजपुरी के वरिष्ठ साहित्यकार आ विद्वान श्री परिचय दास जी के लिखल ई भोजपुरी ललित निबंध  “विजयादशमी: एगो समूहवाची अभिव्यक्ति” विजयादशमी शक्ति क उत्सव ह , मंगल क हेतु. कइसन शक्ति ? जवन अन्याय क प्रतिरोध करे, जवन निर्बल के संबल दे. जवन करुना के समन्वित क के पुरुषार्थ के आधार बनावे. ‘ जे लरै दीन के हेत सूरा सोई ‘ . हर केहू…

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भोजपुरी क सर्जनात्मकता

भोजपुरी समय के एह विशेष अंक में पढ़ीं हिंदी आ भोजपुरी के विद्वान, लेखक,विचारक आ कवि परिचय दास जी के आलेख। ’’हमरा लग रहल बा कि हम कवनो विजन देख रहल बानी अउर तू ओह विजन में ना बाड़ू । बाकिर वोह विजन के देखत-देखत हमरा मन में एगो तन्मय उन्माद उमड़ रहल बा जवन धीरे-धीरे हमरा पूरा देह, पूरी आत्मा में छा रहल जात बा अउर हम एगो एनरजेटिक बदरी से घिर गइल बानी। हमरा भीतर से प्रकाश के प्रभा मण्डल फूट रहल बा। एह दशा में शब्द बिल्कुल…

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