केन्द्रीय बजट 2021-22

लॉकडॉउन के बाद, जे तरे भारतीय अर्थव्यवस्था में आर्थिक गतिविधि में बढ़न्ती भइल बा ऊ भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत भविष्य के ओर अँगुरी देखावत बा। शेयर बाजारो एही आशावादी भाव के दर्शावत तेजी के रूख अपनवले बा। बाकिर ई बहुत जरुरी बा कि अर्थव्यवस्था अउरी बाजार के एह आशावादी रुख के बनवले राखे खातिर सरकार से भरपूर अउरी मजबूत सहजोग मिलो अउरी केन्द्रीय बजट ओकर सबसे बरियार माध्यम बा। सरकार केन्द्रीय बजट 2021-22 के ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ से शुरू कइल परियासन के आगे बढ़ावे के परियास करत नजर आवत बे।…

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खेती के लाभकारी बनावे के परियास बा बजट 2020

कृषि बजट 2020

आर्थिक मंदी के कारन अर्थव्यवस्था के सगरी क्षेत्रन से बजट 2020 से बहुते उम्मीद लागल रहल हऽ। बजट 2020 कुछ उम्मीदन के पुरा कइले बा तऽ कुछ उम्मीदन के ओर धियान नइखे दे पवले। बाकिर खेती के हाल सभसे बाउर भइला अउरी मोदी सरकार के 2022 ले किसानन के कमाई दोगुना करे के वादा के कारन ई उम्मीद रहल हऽ कि ई बजट जरूर गाँवन अउरी खेती के ओर विशेष धियान दी। मालूम होखे के चाहीं कि देश के अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजरत बा जेवना में ग्रामीण अर्थव्यवस्था…

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बजट 2020: आर्थिक मंदी से लड़े के परियास

अर्थव्यवस्था के सगरी क्षेत्रन के 1 फरवरी के वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के पेश भइल केन्द्रीय बजट से बहुत उम्मीद रहल हऽ। बजट 2020 लगभग हर क्षेत्र के कुछ उम्मीदन के पूरा कइले बा तऽ कुछ माँगन के पूरा करे में सक्षम नइखे हो पावल। बाकिर ई सामान्य बात बा। केवनो बजट के एगो सीमा होला अउरी ओकरा खाती सगरी माँग पूरा कइल संभव ना होला। सरकार के  संसाधन के सही बंटवारा करे के रहेला अउरी पूरा अर्थव्यवस्था के दशा के आधार पऽ संसाधनन के ई बंटवार होला। बाकिर सरकार के समझ अउरी सोच तय करेला कि केवना क्षेत्र के बेसी महता दिहल जाई अउरी केवना के कम।

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