विंध्याचल में निकलल अनोखा शिव बारात

शिव विवाह में शामिल ब्रह्मा, विष्णु भी अपना खातिर दुल्हिन खोज के कइल लो बियाह। नितिन अवस्थी, भोजपुरी समय, मिर्ज़ापुर: माई विंध्यवासिनी के नगर विन्ध्याचल में महाशिवरात्रि के मौका पर एगो अलगे शिव बरात मय गाजा बाजा के अपना पूरा शान के संगे निकलल। एह शिव बरात में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु आ महेश के सांचहू के बियाह भइल। त्रिदेव के रुप धइले ई तीनों बेकती अपना अपना दुल्हिन के संगे अगिनी के गोवाह मानके गृहस्थ आश्रम में प्रवेश कइल लोग। एह अनूठा बरात में बियाह के सभ बिधी-बेवहार नगर विधायक…

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के भइल पहिला बइठक

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पऽ अयोध्या में राम मंदिर बनावे खाती केन्द्र सरकार के बनावल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पहिला बइठक आज ग्रेटर नोएडा में भइल हऽ। एह बैठक में महंत नृत्य गोपाल  दास ट्रस्ट के अध्यक्ष चुनल गइल हऽ।

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बसंत पंचमी

अभी कुछे दिन त भइल जब ठंडा के ठकुराहट ठोक-पिट पर उतारू रहे। एकरा चपेटा में सभे रहे, का मानुष पोस प्राणी जिया जन्तु चिड़िया चूरूग सभे। कान के जरी से लेके गोड़ के एड़ी तक के हिला के राख देत रहे ई ठंढा। का कहल जाव ठंढा आवते जइसे शरीर कर्फ्यू के चपेट में आ जाला। मजाल बा कि शरीर के कवनो अंग कपड़ा के बाहर तनी झांक लेवे। ताका झाँकी करते ठंडा के लाठी चार्ज शुरू। शीतलहर रूपी लाठी क अइसन प्रहार की नानी इयाद पड़ जाइ तुरन्ते।…

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बसंत माने प्रकृति के उत्सव

माघ सुदी पचिमी के हमनी सँ सब्द, नाद, सुर, लय, ताल, छंद, राग के धात्री, माता ब्रह्मचारिणी, शिवानुजा, हंसबाहिनी, प्रज्ञा प्रदायिनी, मइया सारदा भवानी के आहवान करेनी जा। आ एकरे संघे सुभागमन हो जाला “रितुपति राज बसंत के।” बसंत के आवते पूरा चराचर चहक उठेला। बसंत के पहुँच हर जगे रहेला। माँ इड़ा के बीणा के तार के झंकार कन-कन में गुँजे लागेला। चाहे ब्रह्म नाद हो चाहे उमाशंकर के डमरू के नडह निनाद हो चाहे राधाकृस्न को मोहिनी मुरली के सुरली रव हो चाहे पवनसूत के जय सियाराम के…

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