भोजपुरी में शब्द के ठीक पहिचानल जाव आ ओही अनुसार लिखल जाव उहे ठीक रही- दिनेश पांडेय

भाषा विचार ढेर लोग कहेलें कि भोजपुरी में जवन बोलल जाला ऊहे लिखल जाला। ई बात पूरा साँच ना ह। भाषा के संबंध मूलतः ध्वनि से ह। ध्वनि पदार्थ में कंपन से उत्पन्न उर्जा के एगो रूप ह। ई उत्पन्न होके फैलजाला, ससर जाला आ फेरु रूपांतरित हो जाला। भाषा बिचार के आदान-प्रदान के माध्यम ह। बिचार के सुरच्छित राखे के जरूरत से लिपि के बिकास भइल जवन मूल ध्वनि बदे रूढ़ि से प्राप्त लेखन चिन्ह ह। हर भाषा में बोले आ लिखे में एकदम से सटीकता ना रहे बलु…

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