समय के चाक पर नाचत दिल्ली-तारकेश्वर राय “तारक”

दिल्ली में सीएए के विरोध में बवाल

दिल्ली के सड़क पर जे बरिसो से चलत आ रहल बा उ अदमी के खूब मालूम बा कि ई कबो सुनसान ना होखे हमेशा गुलजार रहेला। राती के कुछ घरी भले तनी भँगुवा जाव लेकिन फिर तरोताजा होके गाड़ी घोड़ा आदमी जन से भरी जाला सड़क । लेकिन दिल वालन के शहर दिल्ली के दिल आजु काल धड़कत नइखे धधकत बा भभकत बा रोवत बा डर से भयभीत बा । कबो देखे सुने के ना मिलल रहे दिल्ली के सड़क पर फ़इलल मुश्मात के माँग नियन सुनसान भकसावन सन्नाटा ।…

Read More