सतुआन के लीं आनंद सतुआ के संग

आज सतुआन ह, आज पूर्वी उत्तर प्रदेश आ बिहार झारखंड में सतुआ खाए के परंपरा बा। आज जब हमनी सभे रोजी रोटी के फेरा में अंधाधुंध दउड़ रहल बानीं जा, आ कोरोना महामारी फेरु से तेजी से फइल रहल बा। अइसन में आईं पढ़ीं सतुआन पर लिखल आशा सिंह जी के ई संस्मरण आ लवट चलीं  अपना लड़िकाईं में आ सतुआन के आनंद पूरा परिवार के संगे उठाईंः

आज भोरे से बहुत काम रहल ह। चैती छठ के बर्तन आ घर दुआर पोंछत पाछत अबेर हो गई ल ह। मन कइलक ह कि जलपान में कुछ आसान जल्दी बने वाला चीज़ बना लीं। बेटी कहली ह माई हो मैगी जल्दी बन जाइ। फ्रीज खोलते सामने में सतुआ लउक गइल ह। धक से इयाद पर गइल ह कि आज सतुआन ह। चलs पहिले सतुआ टिकोरा मीठा देवता के चढ़ाके परसादी बांट दी।एतना देर में भूखे पेट में मूस कूदे लागल हवे। मन कइलस ह झट से हमहुं सतुए खा लीं।

बचपन हर चीज से अछूता होला। सतुआ देख के हमरा अपना गांव के बदरी काका के हाथ के‌ सानल पिठुरी मन पड़ गइल ह।  इयाद परल ह लइकाई में जब बदरी काका हर जोत के आवस त हम पहिलही से बाट जोहत रहीं ।हमार माई दुआर पर ना निकलत रही उ केतनो भीतर से इशारा क के चटकन देखावस मारे के धिरावस घर में बोलावस ‘आव हम सतुआ देत बानी’ बाकि हम जाति धरम से दूर रहीं आ उनका संगे संगे हमहु केरा के पतइ पर सानल सतुआ बड़ा चाव से खात रहनी। अजब मिठास रहे उनका हाथ के सानल पिठुरी में।

खैर हमहूं आज थारी में सतुआ, पिआज, हरिहर मिरचाइ आ नून के संगे ललका मिरचाई के अंचार, टिकोरा के चटनी ध के भुइयां बइठ के सतुआ के पहाड़ बनइनी ह बीचे में गढ़ई बना देहनी ह। ओही में पानी ढार के आ नून मिला के पिठुरी बनाके लइकन के देनी हं।  सब कोई बड़ी चाव से आज सतुआ के आनंद उठवनी हं सन लइकन के बड़ा रुचल ह।  हमरो बड़ा रुचल ह। सांचों इहे सब हमनी के लइकाई में फास्ट फूड रहे।भुजा सतुआ चिउरा सब तइयारी भोजन हर घर में रहत रहे। सभे जल्दीबाजी में भूख लगला पर इहे कुल खात रहे।

आज फेरू हम आजु के नयका बहुरिया आ बेटिअन से निहोरा करत बानी कि दूं मिनट में ना एक मिनट से भी कम समय में झट से भोजन करावे के चाहीं ।हर तरह से शुद्ध, सुपाच्य, स्वादिष्ट,सोन,सोन सतुआ । अपना थाती के चिन्ही के जिनगी में उतारे के जोगाड़ कर लोग। हमनी के संस्कार आ संस्कृति खान पान पहिनावा ओढावा सब अपना आप में अनूठा बा। सतुआनी के अनघा शुभकामना बा।

आशा सिंह मोतिहारी

Related posts

Leave a Comment

thirteen + 1 =