जाये ना देहब बहरिया, रहीहें घरवे सांवरिया…. सारण भोजपुरिया समाज के ऑनलाइन कवि सम्मेलन में गुंजल कवियन के बोल

सारण भोजपुरिया समाज के नलाइन कवि सम्मेलन में कोरोना से लड़े के कवि लोग दिहलेंनेस

भोजपुरी समय, रामेश्वर गोप/शैलेंद्र तिवारी,छपरा/अहमदाबादः एक ओर जहां पूरा देश में कोरोना वायरस से महामारी फइलऽलला के कारण सरकार के द्वारा घोषित लॉकडाउन के कारण सभे अपना अपना घर में रहे के मजबूर बा। अइसन में सोशल मीडिया पर तरह तरह के गतिविधि कर के लोग आपन समय बीता रहल बाडें। एही क्रम में भोजपुरी खातिर काम कर रहल एगो संस्था सारण भोजपुरिया समाज अपना सदस्यन के संगे पहिलका ऑनलाइन कवि सम्मेलन के आयोजन रामनवमी के पावन मौका पर कइलस। एह कवि सम्मेलन के उद्घाटन सारण भोजपुरीया समाज के अध्यक्ष ज्वाला सिंह समाज के वहाट्सएप ग्रुप के पटल पर जरत दिया के प्रतिक स्वरुप दिया के फोटो पोस्ट कऽ के कइलें। एहिजा एह कार्यक्रम के अध्यक्षता सारण भोजपुरिया समाज के वरिष्ठ सवांग आ कवि व शिक्षाविद अरविंद श्रीवास्तव आ संचालन गाजियाबाद में बइठल राम प्रकाश तिवारी कइलें। एह ऑनलाइन कवि सम्मेलन के कार्यक्रम में देश के कोना कोना में रहे वाला सारण भोजपुरिया समाज के सभे सवांग शामिल भइल एकरा अलावा तीसगो से अधिका कवि-कवियत्री आपन आपन रचना प्रस्तुत कइल लो जवना के सभे आनंद उठावल।

सम्मेलन के अध्यक्षता करत अरविंद श्रीवास्तव कोरोना वायरस से फइलल संकट के एह समय में अइसन आयोजन के सार्थकता के रेखांकित कइलें। सम्मेलन के आगाज सारण भोजपुरिया समाज के ग्रुप एडमीन आ संस्थापक बिमलेंदु पांडेय के सेवानिवृत्ति आ जन्मदिन के बधाई देवे के संगे भइल। ऑनलाइन दिया जरवला के बाद लोकगायक शशि अनारी के द्वारा गणेश आ सरस्वती वंदना के रुप में भोजपुरी गीत आ योगगुरु पंडित शशि प्रकाश तिवारी के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कार्यक्रम के शुरुआत भइल। ओहिजा बेतिया के अखिलेश्वर मिश्र के खांसी कविता आ अजय अजनबी के कल्पना कविता से सम्मेलन धीरे-धीरे रफ्तार पकड़े लागल त संचालक राम प्रकाश तिवारी अपना संचालन कौशल आ मुक्तकन के द्वारा सम्मेलन में भाग ले रहल कवि आ श्रोतागण के जोड़े के प्रयास कइलें। आरा के कवि अमरेंद्र सिंह द्वारा राम जन्म पर बधाई गीत हरि झूमरी के शानदार प्रस्तुति के बाद, छपरा के डॉ. अमरेंद्र सिंह बुलेट के गजल हमरा गमछवे से… के तरन्नुम में पढ़ के ताली बिटोरलें। सारण भोजपुरिया समाज से जुड़ल महिला कवियित्री आरती आलोक वर्मा विरह गीत ‘तनी आपन सुरतिया देखाव बलम’ के सुमधुर  प्रस्तुति कऽ के आपन जोरदार उपस्थिति दर्ज करवली। एही क्रम में अगिला कड़ी में लोक गायक रामेश्वर गोप रामजन्म पर पारम्परिक चइती प्रस्तुत कऽ के कवि सम्मेलन के जाएका बदल दिहलें। दिवाकर उपाध्याय के सरस्वती वंदना आ दिल के दरद के दवाई गजल गीत एह जाएका में एगो अलगे छेंवक लगवलस त युवा कवि गणपति सिंह के कविता ‘उनका चाह’, आ आसाम से दिलिप पैनाली के ठांव- कुठांव के ज्ञान श्रोतालोग के आनंद के सागर में पहुंचावे के काम कइलस। ओहिजा कर्नाटक से शशिरंजन सेतु के भोजपुरी भाषा वंदना ‘मिसिरी नियन मीठ भोजपुरी बोली’ के गायन से सारा श्रोता भोजपुरी के सागर में डूबे उतराए लगलें। एहि क्रम में कवियत्री माया शर्मा आ ममता सिंह के रामजन्म पर आधारित कविता आ बधाई गीत के श्रोता सभे बहुते प्रशंसा कइल। एकमा के कवि आ गीतकार निर्भय नीर के एकम से पूर्णिमा तक के तिथि पर पौराणिक घटना के कविता के भी सभे श्रोता बहुते सराहल। रवीन्द्र नाथ सिंह आ शैलेन्द्र तिवारी के रामजन्म, आ स्वर्गीय रामपुजन तिवारी के सवासौ बरिस पुरान सोहर ‘कंहवा से आवेला पियरीया पियरिया लागल झालर हो’  गीत आ ‘बता दऽ कब अइहें भगवान’ भजन सभकर दिल छू लिहलस। पंकज सम्राट के एक त विपत पूरा देश पर परल बा कविता सामयिक वेदना महसूस करवलस। दिलीप पैनाली के कोरोना पर कविता धीरज धऽ के रहीं ना जनता, कुछ दिन के बात बा लोगन के संदेश देवे में सफल रहल। एही कड़ी में मणिबेन द्विवेदी के मधुर आवाज में जाये ना देब बहरिया घरहीं पर रहीहें सांवरिया गीत कोरोना महामारी पर लॉक डाउन अपनावे के जोरदार सीख दिहलस। गणपति सिंह के बरखा रानी से गोहार आ महाराष्ट्र के नागपुर से युवा कवि प्रिंस ओझा के बेटी विदाई के मार्मिक गीत लोगन के आंख से लोर निकाल दिहलस। राकेश विद्यार्थी के कविता फूल, अजय प्रसाद के पारम्परिक चइती, मधुबाला वर्मा के कोरोना पर कविता अमिट छाप छोड़े में कामयाब रहल। गीतकार गायक संगीत सुभाष के उम्दा गजल ‘उद्वेग बा समाइल कतहीं करार नइखे’ कार्यक्रम के शिखर प्रदान कइलस। रमाशंकर तिवारी के चइती आ भोजपुरी रंगकर्मी आ युवा कवि लवकांत सिंह लव के रचना”का लिखीं कु बुझाते नइखे” के बाद संचालक राम प्रकाश तिवारी के भोजपुरी आ भोजपुरिया समाज के ऐतिहासिकता दर्शावत कविता  सभे के भोजपुरी लिखे-पढ़े के प्रेरित कइलस। कवि सम्मेलन के अध्यक्ष आ वरिष्ठ कवि अरविंद श्रीवास्तव कोरोनवा फइलल बा संसार, आई प्रभु श्री राम धरती पर एक बार कविता प्रस्तुत कऽ के मानव के सामयिक वेदना पूर्ण प्रार्थना प्रस्तुत कइनी। धन्यवाद ज्ञापन करत ग्रुप एडमीन बिमलेंदु पांडेय कहलें कि लॉकडाउन के सार्थक उपयोग एह से बढ़ियां आउर कुछ नइखे हो सकत आ आउरी संस्था सभ के भी एह से सीख लेबे के चाहीं।एकरा अलावा सम्मेलन में भाग लेवे वाला सभ कवि आ सुधि श्रोतागण के भी सम्मेलन के सफल बनावे खातिर आपन हार्दिक आभार प्रकट करत बारम्बार नमन कइले।

 

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