बिहार के बढंती में नेता लोग के महान योगदान बा- एगो व्यंग्य

बिहार के वर्तमान दशा आ दिशा पर दिलीप पैनाली जी के एगो व्यंग्य

बिहार का नेताजी लोगन आ कुछ विशिष्ट प्रजाति के जनमानस लोगन का अथक प्रयास से उन्नति के राह बंद होके एह राज्य का जवन अप्रतीम सफलता आ मान सम्मान मिलल बा ओह पर राष्ट्रे ना समस्त विश्व अचरज में बा। होखो काहे ना जी जहाँ से हर साल लावा घुली जस अनेको प्रतियोगी परीक्षा में हजारन प्रतिभागी उतीर्ण भइलो का बाद नोकरी छोड़ बिहारे में व्यपार करत होखस, तीन साल के डिग्री के कोर्स पाँच बरिस में मिलत होखे, NSDP per capita का अनुसार देश में 33वाँ स्थान मिलल होखे, साक्षरता का दर में राष्ट्र में नीचा से पहिला स्थान होखे़, एजा से रोजगार ला कहीं केहू जात ना होखे त अचरज होइबे करी।

अपना राज्य के प्रदुषण मुक्त राखेला उद्योगन के ना पनपे देवे के जवन कला बिहार में बा ओह पर शोध कइल जा सकऽता, शोध कइल जा सकता ओजा का मेधा आ श्रम का पलायन पर। जवना सुव्यवस्था से हर साल कोसी नदी का पानी से फसलन के डुबावल जाला ऊ व्यवस्था अन्यत्र सर्चलाइट लेके खोजलो पर ना मिली। सुरक्षा व्यवस्था के बाते मत पूछी, दिने में लूटा सकऽतानी, दिनदहाड़े स्वर्गरथ पर सवार हो सकऽतानी।झूठा मुकदमा में बिना कवनो खरच के फँस सकऽतानी। ई सब अनमोल व्यवस्था आजो जे जीवित बा अपने आप में बहुत बड़ बात बा। ना त पहिले का रहे, पौराणिक काल में जाईं त दधीचि ऋषि, गौतम ऋषि, वशिष्ठ मुनि, महान दानी राजा मोरध्वज राजा जनक इहे लोग नू रहे, आउर दोसर के रहे। तब आपन बिहार थोड़े नू प्रसिद्ध रहे। जतना प्रसिद्धि आज बा ओतना प्रसिद्धि त लिच्छवि गणराज्य, अशोक महान, चंद्रगुप्त महान, चाणक्य, आर्यभट्ट, जैनधर्म के चौबिसवाँ तिर्थंकर, महात्मा बुद्ध जस लोगनो का समय में ना रहे। आज का बीरन लोग का आगा तब के बीर कहाँ टिकिहें। आज जवन सद्भाव बा ऊ पहिले कहाँ रहे। हर गाँव गली जात का नाम पर बँटल बा। एकता त अइसन जे जाले भाई के मुड़ी भाई फोड़त नइखे ताले मुंह में पानियो नइखे डालत।

कोरोना का कहर से डेरा के ना बिहार में रोजी रोजगार बढ़ले का कारण अन्य राज्य से ट्रेनन पर लदा के आ रहल लोगन का संगे हमहुँ बिहार के 108वाँ स्थापना दिवस मना रहल समस्त बिहारवासी भाई बंधु के बिहार दिवस के अनघा बधाई आ शुभकामना दे रहल बानी।

दिलीप पैनाली

सैखोवाघाट

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