लॉकडाउन के दौरान मरीजन के निःशुल्क इलाज कर मसीहा बनलें डॉ० जे.के. जायसवाल

लॉकडाउन के दौरान मरीजन के निःशुल्क इलाज कर मसीहा बनलें डॉ० जे.के. जायसवाल

मरीज के घरे जाके ओकर जांच करत डॉ. जायसवाल

भोजपुरी समय,नितिन अवस्थी,मिर्जापुरः आज के एह विषम परिस्थिति में कुछ लोग अइसन भी बाडें में जिनका बारे में जनला के बाद मन में मानवता के प्रति विश्वास फेर से जाग उठेला। जी हां कम से कम उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के जानल मानल वरिष्ठ पत्रकार रविन्द्र जायसवाल (उर्फ लल्लू बाबू) के समाजसेवी डॉक्टर बेटा डॉ. जे.के. जायसवाल के काम के बारे में जान के रउ भी इहे कहब।एक ओर जहां सरकार हर स्तर पर कोरोना वायरस के संक्रमण फइले से रोके के उपाय कर रहल बा जवना में एगो उपायपूरा देश में संपूर्ण लॉकडाउन भी बा।  हालांकि ई बात केहू से छिपल नइखे कि लॉकडाउन के संगे ही देश के विभिन्न भागन में कोरोना वायरस से जंग जारी बा। अइसन में जदि कवनो मरीज के घरे जाके निःशुल्क चिकित्सा सुविधा मिले त ओह मरीज आ ओकरा परिवार खातिर एह से बड़ बात आउर का हो सकत बा। आ मिर्जापुर के डॉ० जे.के. जायसवाल फिलहाल मिर्जापुर में मरीजन के अइसने सुविधा दे रहल बाड़न। डॉ. जायसवाल के मोताबिक उनकर ई निःशुल्क सेवा 14 अप्रिल तक जारी रही।

बदलत दौर में घरे जाके मरीज के देखल आ फ्री इलाज कइल आउर लोगन खातिर बा मिसाल

आज तेजी से बदलत दौर में जब डाक्टर मरीज के घरे जाके नइखन देखे के चाहत अइसन में एगो  फोन कॉल पर बिना कवनो फीस लिहले मरीज के इलाज कइल आ ओकरा के मुफ्त दवा दिहल एगो सराहनीय आ एह पेशा से जुड़ल लोगन खातिर प्रेरणादायक बा। डॉ० जे.के. जायसवाल दिन-रात लोगन के सेवा में लागल बाडें। लॉकडाउन के दौरान जब कतहीं आइल गइल बन्द बा, देश आ समाज के सुरक्षा खातिर आम जनता घर में रहके जंग लड़ रहल बा। अइसने में फोन के घंटी बजला के बाद पेशा से चिकित्सक डा० जायसवाल मरीज के घरे खातिर दवाइयन के बैग सम्हारत निकल पड़तारें। अतने ना उ मरीज के घरे पहुंच के ना केवल ओकर मुफ्त इलाजे कर रहल बाड़न बलुक दवाइयो मुफ्त दे रहल बाड़ें जवन कि मरीज के संगे-संगे करा परिवार वाला लोगन खातिर भी राहत आ खुशी के बात बा। सर्दी जुकाम खांसी बुखार से पीड़ित मरीज इलाज खातिर डॉ. जायसवाल के फ़ोन कर सकता। ऊ मरीज के घरे ले जइहन आ ओकर हर संभव मदद करीहें। लालडिग्गी निवासी डॉ. जे.के. जायसवाल के मोबाइल नम्बर 9415257539 बा। लॉकडाउन के दौरान 14 अप्रैल तक दुपहरिया चार बजे से रात 10 बजे ले मरीजन के अपना घर बइठल ही ई सुविधा मिल सकता।

डॉक्टर जायसवाल के एह जज्बा के भोजपुरी समय सलाम करता आ ईश्वर से ऊहां के स्वस्थ आ दीर्घायु के कामना करता।

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