जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया के कवि सम्मेलन में कविता के सागर में डुबुकी लगवलें श्रोता

राम प्रकाश तिवारी, भोजपुरी समय, अमहीं मिश्र गोपालगंजः साफ सुथरा गीत गवनई आ भोजपुरिया संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से,  साल 2015 में वहाट्सएप पर एगो ग्रुप के रुप में स्थापित आ साल 2017 में न्यास के रुप में देश के राजधानी दिल्ली में पंजीकृत “जय भोजपुरी- जय भोजपुरिया” परिवार के सालाना सांस्कृतिक आ साहित्यिक महोत्सव-3 के आयोजन बिहार के गोपालगंज जिला के अमहीं मिश्र गांव में भइल। ई आयोजन में हर बरिस के जइसे अबकिरो दूगो सत्र राखल गइल रहे। कार्यक्रम के पहिलका सत्र में जहां संस्था के अध्यक्ष सतीश कुमार त्रिपाठी आ उनकरा पत्नी के संगे-संगे सारण भोजपुरिया समाज के अध्यक्ष ज्वाला सिंह, जभो-जभो के उपाध्यक्ष आ सिरिजन भोजपुरी तिमाही ई-पत्रिका के प्रधान सम्पादक सुभाष पाण्डेय, सारण भोजपुरिया समाज के संस्थापक बिमलेंदु भीषण पाण्डेय, जभो- जभो के वरिष्ठ सवांग नरसिंह तिवारी आदि के द्वारा दीया जराके आ भोजपुरी के सुप्रसिंद्ध साहित्यकार राधामोहन चौबे अंजन जी के फोटो पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम के विधिवत शुरुआत कइल लोग।

डेढ़ दर्जन कवि-कवियत्रि के कविता पाठ से झूमल अमहीं के लोग

एह कार्यक्रम के पहिलका सत्र के मुख्य आकर्षण रहल अमहीं मिश्र के धरती पर जुटल देश के कोना कोना से भोजपुरिया कवि-कवियत्रि के प्रख्यात मंच संचालक, शायर आ कवि संजय मिश्र संजय के कुशल मंच संचालन में सुमधुर काव्यपाठ। एह कवि सम्मेलन के अध्यक्षता मोतिहारी से आइल वरिष्ठ कवि अखिलेश्वर मिश्र कइलें। ऊंहई एह सम्मेलन के शुरुआत पंचदेवरी से आइल कवियत्रि माया शर्मा के सुमधुर आवाज में सरस्वती वंदना से भइल त  उपेन्द्र दूबे के कविता बनलो इजतिया के क दिहलऽ खाक तू……. बाबूराम सिंह कवि के कविता जवन रुखा-सुखा मिले अमृत जानी के खात रहीं………… आ सर्वेश तिवारी श्रीमुख के कविता ए मलिकाइन रहे दीं….. संजीव कुमार त्यागी के  कविता फतेहबहादुर शाही के गाथा उपस्थित जनसमूह के ताली बजावे पर मजबूर कर दिहलस। एकरा बाद मंच सपर आइल सभे कविगण एक से बढ़के एक रचना सुनवले जेमें आरा से आइल अमरेन्द्र कुमार सिंह के आल्हा छंद , सिवान के कवि दिवाकर उपाध्याय के गज़ल़ दरद दे ले बानी, दवा दिही रउरे आ गीत बेदना मरल बा एतना …….. एकमा के वरिष्ठ कवि अरविन्द श्रीवास्तव के हास्य व्यंग्य ए पहूना अपना गांवें तूं बोल कहिया जइब…….के संगे रघुवंश मणि दूबे के रचना ओल्हा पाती आ आयोजक मण्डल के अभिवादन के सुनला के बाद कई मिनट तक कार्यक्रम स्थल पर श्रोता वर्ग के ताली के आवाज गुंजत रहि गइल। ओहिजा युवा कवि विकास मिश्रा के कविता कइसन कलयुग आइल बा………… आ माया शर्मा के कविता मनई के देखि आजु आ गदवेर जब होला…….. के बाद  श्याम श्रवण के बिधना कौन बिधि भेजलऽ के लोग बहुत सराहना कइले।

एकरा संगे संगे भोजपुरी आ हिन्दी के सुप्रसिद्ध हास्य कवि स्वर्गीय कुबेरनाथ मिश्र विचित्र के पोता अमित कुमार के मिश्र कविता हमनी के अस्मिता आ सम्मान भोजपुरी……. के संगे गोपालगंज के कवि नूरैन अंसारी के कविता ना हंसले हंसात बा, ना रोवले रोवात बा त संस्था(जभो-जभो) के कानूनी सलाहकार आ वरिष्ठ कवि नन्देशअवर मिश्र नन्द के कविता  धरती पर आइल बा जबसे तबसे कमजोर सतावल जाला आ सत्य प्रकाश शुक्ल के जइह सुगना ओही देश के सुन के उपस्थित श्रोता आ मंच पर बइठल कवि लोग भी मंत्रमुग्ध हो गइले।

एकरा बाद जितेंद्र तिवारी के कविता भइया हो किसान के दरद के सुनेला आ रउरा अइनी  गंउवा अंजोर हो गइल के संगे जनसमूह के मांग पर मंच संचालक संजय मिश्र संजय के गजल आ गीत लोग के झूमा दिहलस। एकरा संगहीं दिल्ली से आइल युवा कवि राम प्रकाश तिवारी ठेठबिहारी के कविता हं हम भाषा भोजपुरी हईं……… कवि सम्मेलन के अध्यक्ष अखिलेश्वर मिश्रा के कविता “बोलऽ काका जी” के सुन के सभे गदगद हो गइल।

एह सत्र के समापन के बेरा जय भोजपुरी जय भोजपुरिया संस्था के अध्यक्ष कहलें कि संस्था के प्रयास हरमेशा से इहे रहल बा कि माई भाखा भोजपुरी के साफ-सुथर गीत कविता आ साहित्य सृजन के माधअय से विकास में आपन जोगदान दिहल जाव। एह खातिर संस्था के द्वारा जुलाई 2018 से लगातार सिरिजन तिमाही ई पत्रिका के भओजपुरी भाषा में प्रकाशन कर रहल बा, जवना के बहुते कम समय में देश विदेश में बहुते प्रसिद्धि मिल रहल बा आ पाठक गण एह पत्रिका के बड़ा चाव से पढ़ रहल बा।

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