शेयर बाजार में बढ़त अस्थिरता

भारतीय शेयर बाजार पिछिला कई महिना से एकसुआहे तेजी के रुझान पकड़े बा। 23 मार्च 2020 के सबसे निचिला स्तर से अबले शेयर बाजार के सूचकाँक सेंसेक्स अउरी निफ्टी-50 बढ़ि के लगभग दूगुना हो गइल बा। बाकिर एह तेजी के संगही बाजार में दैनिक आ साप्ताहिक अस्थिरता बहुत अधिक बढ़ि गइल बा। बिना स्पष्ट कारन के कहियो बाजार कई प्रतिशत गिर जाता अउरी ओही दिने भा अगिला दिने बाजार फेर से कई प्रतिशत बढ़ि जाता।

उदाहारण खाती 18 मार्च के बीएससी सेन्सेक्स 623 अंक के गिरावट के संगे 1.3 प्रतिशत गिर के 48,417.63 अंक पऽ बन्द भइल। अगिला दिने 19 मार्च के बीएससी सेंसेक्स 834 अंक के तेजी के साथे 1.72 प्रतिशत बढ़ि के 49,298.29 पऽ बन्द भइल। 20 मार्च के सेंसेक्स फेर 393.83 अंक के तेजी के साथे 0.8 प्रतिशत बढ़ि के 49,792 पहुँच गइल बा। इहे हाल एनएससी निफ्टी-50 के बा। 18 मार्च के निफ्टी-50 14,228.4 पऽ बंद भइल अउरी 20 मार्च के 14,644.7 अंक पऽ बन्द भइल। पिछिला तीन दिन में सेंसेक्स 2.83 प्रतिशत जबकि निफ्टी 2.93 प्रतिशत बढ़ि गइल बा।

भारतीय अर्थव्यवस्था में पिछिला कुछ महीनन में आश्चर्यजनक रुप से तेजी से सुधार भइल। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कोरोना वायरस के शॉक के बाद उम्मीद से बढ़िया रिकवरी के संभावना बा अउरी उम्मीद बा भारतीय अर्थव्यवस्था में वित्तीय वर्ष 2021-22 में ‘वी’ शेप्ड रिकवरी होई और ई रिकवरी उम्मीद से बहुत अधिका हो सकेला। हालांकि ‘वी’ शेप्ड रिकवरी सुधार के देखावाले बाकिर पहिले के तुलना में एगो छोट बेस पऽ; ना कि पिछिला उँचाई के तुलना में। एसे ‘वी’ शेप्ड रिकवरी अक्सर आशावाद संभावना के दर्शावेला।

ई मानल जाला कि शेयर बाजार भविष्य के हिसाब से रुख करेला बाकिर ई भारतीय अर्थवुअवस्था में रिकवरी एतनो अधिका नइखे कि अर्थ्व्यवस्था में होखे वाली कमाई सेंसेक्स के प्राइस टू अर्निंग के 34.42 गुणांक आ प्राइस टू बुक वैल्यू के 3.39 गुणांक के सपोर्ट कऽ सके। ई दून्नु गुणांक अपेक्षा से बेसी अधिक बा। एसे ई समय निवेशकन खाती सम्हारी के चले वाला बा।

 

 

 

 

राजीव उपाध्याय

राजीव उपाध्याय

आर्थिक विषय के टिप्पणीकार। भोजपुरी, हिन्दी अउरी अंग्रेजी में साहित्य रचना। भोजपुरी के साहित्यिक पत्रिका 'मैना' के संपादक। डेल्ही स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स से पीएचडी अउरी दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक।

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