गरदन माला हृदय अघाई

गरदन माला हृदय अघाई

माला मालिन बनावेलिन, माली माला बेचेलनि। माला फूल के होला, माला कागज के होला, माला पनही के होला। माला छोट होला, माला मोट होला, माला हलुक होला, माला भारी होला।
माला असली होला,माला नकली होला, माला बाली के होला, माला सुग्रीव के होला। माला गुथाला, माला गिनाला, माला जपाला। माला किनाला, माला बेचाला। रामलीला में माला उठेला, मंदिर में माला चढ़ेला, रैली में माला फेकाला । माला जिन्दा पेन्हेला, माला मुर्दा पेन्हेला। माला हार कहाला, बाकि माला जीत के होला।
माला गोल होला, माला साल ओढ़ा के पेन्हावल जाला, अभी माला टोपी पेन्हाके पहिनावल जात बा। अइसे ई बात माला पेन्हावेला के ऊपर बा कि ऊ माला कइसे पेन्हाई। बहुत जगे अकेले में माला पेन्हेलावल जाला कहीं- कहीं हार के हार हार पेन्हावल जाला।

माला घुरहू के भावेला, माला निरहू के भावेला, माला कतवारू के भावेला, रउआ बारे में रउआ जानीं बाकिर हमरा त माला खूबि भावेला। साँच कहीं त, माला प के सेल्फी मन ललचावेला। दुल्हा के वरमाला, कनिया के जयमाला, बिदाई के माला, लड़ाई के माला, चमचई के माला। माने कि हर डेजायन, हर कलउटी, हर भराइटी के माला बा। करिया केश में चमेली के ऊजर माला के गजरा नीक लागेला, दुलहा के गरदन में ललका गुलाब के माला, कविजी लो के जादा पीयर गेन्दा के माला परेला, बाकि गनमान लोके हर तरह के माला परेला, जूही के , बेदाम के, मखाना के, रोपेया के, जूता के, कूँचा के।
माला शहीद के आन बान शान ह। माला नेता के पहचान ह। माला कलाकार के सम्मान ह। माला महान ह कि माला पेन्हावेला कि माला पहिरेवाला, ई शोध के बिसय बा। एक बात त क्लीयर बा कि माला पर माला, माला के दबावेला बाकिर पेन्हेवाला के उठावेला।
माल लीं- माला लीं, माल दीं -माला दीं, माला जपीं, माला माला करत रहीं, माला प मरत रहीं।माला के चक्कर में परल रहीं, माला से भरल रहीं, अघात रहीं, अफनात रहीं, जोन्हात रहीं, आ जादा होखे त एक गाही हमरो ओर फेकीं।

अमरेन्द्र कुमार सिंह,आरा भोजपुर बिहार

 

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