सेल्फी

आज जब कोरोना महामारी के दोसरका लहर में विश्व के संगे-संगे आपन देश भारत जूझ रहल बा। अइसन विपत्त काल में जब सभे अपना अपना घर में रहे खातिर मजबूर बा, आ अकूला रहल बा त रउआ लोग खातिर भोजपुरी समय लेके आइल बा हास्य-व्यंग्य के रस में सराबोर समसामयिक विषय पर भोजपुरी आ हिन्ही के प्रसिद्ध साहित्यकार आ छंद विधा के जानकार श्री अमरेंद्र कुमार सिंह जी के ई लेख ”सेल्फी” सेल्फी हम चाहे रउआ कइसन लागत बानी, ,ई जाने के सुरूआत कइसे भइल, येकरा बारे में पूरा जानकारी…

Read More

जयशंकर प्रसाद द्विवेदी के मिली हिन्दुस्तानी एकेडेमी के भिखारी ठाकुर भोजपुरी सम्मान

जयशंकर प्रसाद द्विवेदी के मिली हिन्दुस्तानी एकेडेमी के भिखारी ठाकुर भोजपुरी सम्मान शैलेंद्र कुमार तिवारी, भोजपुरी समयः  देश के प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था हिन्दुस्तानी एकेडेमी प्रयागराज शुक्रवार के अपने राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारन के घोषणा कइलस। एह बेरी भोजपुरी खाति भिखारी ठाकुर भोजपुरी सम्मान ”आखर–आखर गीत” बदे चंदौली जिला के बरहुआं गाँव के बेटा आ वर्तमान में गाजियाबाद में रहे वाला जयशंकर प्रसाद द्विवेदी के दीहल जाई। ए सम्मान के साथे उनुका के संस्था के ओरी से एक लाख रुपीया के धनराशीयो दीहल जाई। भोजपुरी का क्षेत्र में दीहल जाये वाला…

Read More

लुप्त होखत फगुवा

माघ के बसंत पंचमी से शुरु होखे वाला फगुनी बयार आ ओकरा संगे शुरु फगुआ गावे के परंपरा अब बिला रहल बा। एही सभ पर अपना लेखनी के जरिए आपन चिंता जाहिर कर रहल बानी भोजपुरी के सुप्रसिद्ध ई पतिरिका सिरिजन के उपसंपादक श्री तारकेश्वर राय तारक जी। सभके परनाम आ जय भोजपुरी आज गांव के फगुआ के बड़ा इयाद आवता। कबो नीक फगुवा गावल गाँव के इज्जत बढ़ावत रहे, अब उ परम्परा हांफत बीया ओकर दम बन्द होखहीं वाला बा।  अपना अस्तित्व के बंचावे ख़ातिर हाँथ गोड़ पटकत लउकतीया।…

Read More

उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान करी दू गो भोजपुरी महिला साहित्यकारन के सम्मानित

भोजपुरी समय, राम प्रकाश तिवारी, गाजियाबादः भोजपुरी के संविधान के आठवां अनुसूची में स्थान दियावे खातिर आंदोलनरत भोजपुरीया समाज खातिर एगो सुखद खबर बा। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान भोजपुरी के दूगो वरिष्ठ महिला साहित्यकारन के अबकी बरिस सम्मानित करे के घोषणक कइले बा। संस्थान से मिलल सूचना के मोताबिक अबकी भोजपुरी से  डॉ. प्रेमशीला शुक्ल आ डॉ. सुमन सिंह के क्रमशः राहुल सांकृत्यायन सम्मान आ भिखआरी ठाकुर सम्मान से सम्मानित करे के निरणय कइले बा। डॉ. प्रेमशीला शुक्ल के उनकरा कहानी संग्रह “जाए के बेरिया” खातिर राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार दिहल जाई।…

Read More

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

यदि साचों में हमनी के भोजपुरी भा अपनी मातृभाखा के ले के गंभीर बानी जा तऽ हमनी के सोशल मीडिया में भोजपुरी में भले लिखीं जा चाहें ना बाकिर हमनी अपना घर के लइकन से भोजपुरी में बतियावे के चाहीं। बदलल समाज बेवस्था में सरकार के बहुत बरियार जोगदान बा बाकिर सगरी दोख सरकार पऽ डालि दिहला से हमनी के जिम्मेदारी खत्म ना हो जाई। जदि लोग एह बेरा ना चेताई तऽ दोसर भाखा जल्दिए मातृभाखा बनि जइहन सऽ अउरी हमनी के देखते रहि जाइब जा। जदि संभव होखे तऽ हमनी के इवेंड मोड से बहरी निकसि के अपनी मातृभाखा (संस्कृति आ अथाह ज्ञान) के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी ले प्राकृतिक तरीका से हस्तांतरित करीं जा।

Read More

रूपिया के गाछ

रामसेवक आ सीताराम एके ऑफिस में काम करत रहे लो। दूनू जाने लइकाईं के संघतिया रहे लोग आ सब तरे बराबर रहे लो। एक दिने सीताराम कहले कि “भाई रामसेवक, सुनऽ अब हमनी के लइका सेयान होतारे सं। एकनी खातिर कुछ जोड़ बिटोर करे के चाहीं। तु का कहतारऽ बतावऽ” सीताराम के ई बात सुन के रामसेवक कहले कि “हो भाई, बात त तुं नीमन कहतारऽ, हमनी के कुछ करे के चाहीं। अब तुं बताव का करे के तहार विचार बा?”  एह बात पर सीताराम कहले कि “सुनऽ हम कहेब…

Read More

बसंत के नांवे पाती

बीतत जाड़ के संगे संगे प्रकृति में, ऋतु में बदलाव आवे लागेला। ई बदलाव माघ के अंजोरिया में पंचमी जवना के बसंत पंचमीयो कहल जाला के संगे आउर जादा लउके लागेला। बाकिर आजकाल ई बदलाव गांव जवार से लगभग नदारद हो गइल बा। त आईं आज भोजपुरी समय पर पढ़ीं भोजपुरी आ हिन्दी के छंद विधा के सशक्त नांव अमरेंद्र कुमार सिंह के बसंत से ई निहोरा भरल पाती।  हरियर धरती के दगदग पीयर रंग में रंगेवाला, ठूँठ फेंड़ में पचखी फेकावेवाला, सकल चराचर में नया जोस खरोस भर देबेवाला…

Read More

हास्य – व्यंग्य भोजपुरी का आगे बढ़ी !

‘‘खूब भइल । इहे नूँ भोजपुरी के असली कवि सम्मेलन भइल हवे । कुछ लोग हमनी के कविता ना होखे देवे खातिर साजिश रचले रहल हवे । हमनी के ओकरा के विफल कर दिहनी । जय हो ! जय हो !

Read More

भुकभुकवा के छापाखाना

कोरोना महामारी आ एकरा कारण भइल वैश्विक लॉकडाउन के कारण घर में बइठल बइठल सभकर मन अगुता गइल बा। अइसन में जहां सरकार के द्वारा धीरे धीरे लॉकडाउन खोले के प्रक्रिया शुरु हो चुकल बा आ जिनगी के गाड़ी अपना पटरी पर लवट रहल बिया। त एह समय में रउआ सभे के अपना चुटीला हास्य व्यंग्य के रचना से हंसावे आ गुदगुदावे खातिर भोजपुरी समय.कॉम लेके आइल बा दिल्ली एनसीआर में भोजपुरिया कवि के नाम से विख्यात प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि आ भोजपुरी साहित्य सरिता के संपादक आदरणीय जयशंकर प्रसाद द्विवेदी…

Read More

भिखारी ठाकुर जयंती पर जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया आयोजित कइलस ऑनलाइन कार्यक्रम

राम प्रकाश तिवारी,भोजपुरी समय, तिनसुकिया आसामः इतिहास में 18 दिसंबर भोजपुरी के शेक्सपियर कहाए वाला लोक कलाकार भिखारी ठाकुर के जन्मदिन के रुप में दर्ज बा। भिखारी ठाकुर के 133 वां जयंती पर जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया संस्था ऑनलाइन काव्य गोष्ठी सह सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन कइलस। एह कार्यक्रम के शुरुआत सर्वप्रथम संस्था के फरीदाबाद में रहेवाला केंद्रीय अध्यक्ष सतीश कुमार त्रिपाठी दीया जरा के कइलें। एकरा बाद आसाम में रहे वाली वंदना चौबे भिखारी ठाकुर जी के फोटो पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम के आगे बढ़वनी। पूजा प्रसाद के सधल आ सुमधुर…

Read More