भोजपुरी के अस्सिटेंट प्रोफेसर बनले छपरा के लाल डॉ. पवन कुमार,

धर्मेंद्र पांडेय, भोजपुरी समय, मशरक (सारण): भोजपुरिया बधार खातिर एगो खुशखबरी बा। दरअसल बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर, बिहार में सारण जिला के तरैया थाना क्षेत्र के डुमरी छपिया गांव के कन्हैया साह के बेटा डॉ. पवन कुमार के चयन भोजपुरी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग पटना के द्वारा कइल गइल बा। पवन कुमार के एह उपलब्धि के खबर सुनके सगरी जवार में खुशी के लहर दउड़ गइल बा। एही क्रम में एतवार के मशरक रेलवे स्टेशन रोड पर एगो सम्मान कार्यक्रम के…

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शिक्षक दिवस विशेष

शिक्षक दिवस पर पढ़ीं श्री संजय कुमार ओझा जी के ई आलेख जय गुरु जी आज शिक्षक दिवस ह। माने वोह व्यक्तित्व के इयाद करे के एगो दिन, जे हमनी के व्यक्तित्व के बनावे आ बढ़ावे में सबसे अहम भूमिका निभवले बा। भारतीय संस्कृति में सबसे पहिला शिक्षक माई के मानल गइल बा। “माई” जे अपना बच्चन के भबिस बनावे खातिर आपन सब कुछ निछावर क देली। अंगुरी ध के चलावे से ले के उठल, बइठल, खाइल, नहाइल, इहां ले कि परिवार – समाज में हर इन्सान के चिन्हे, जाने…

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” शिक्षक दिवस ” आ हम शिक्षक – प्रो. ( डॉ. ) जयकान्त सिंह ‘जय’

शिक्षक दिवस पर पढीं प्रो. ( डॉ. ) जयकान्त सिंह ‘जय’ जी के लिखल ई आलेख                                                   ” शिक्षक दिवस ” आ हम शिक्षक– प्रो. ( डॉ. ) जयकान्त सिंह ‘जय‘ जब से कुछ टेवलगर भइनीं आ इस्कूल में पहुँचावल गइनीं तबे से ०५ सितम्बर के ‘ शिक्षक दिवस ‘ मनावे के बात भुलाये ना। हमार गाँवो किसान, सैनिक जवान आ सही में देखीं त शिक्षके…

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रेडियो के लोहा सिंह – पद्मश्री रामेश्वर सिंह कश्यप

आज रेडियो के मशहूर नाटक ‘तसलवा तोर की मोर’ के रचयिता आ लोहा सिंह जइसन अमिट छाप छोड़ने वाला किरदार के अपना आवाज से जनमानस के स्मृति पटल पर अंकित करें वाला सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री रामेश्वर सिंह कश्यप जी के जन्मदिन बा, एह अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी आ पत्रकार के संगे संगे साहित्यकार श्री लवकांत सिंह लव जी अपना लेखनी का माध्यम से रामेश्वर जी के श्रद्धासुमन दे रहल बानी। रेडियोके लोहा सिंह – पद्मश्री रामेश्वर सिंह कश्यप     अध्यात्म से लेके विज्ञान तक, जवान से लेके किसान तक,…

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का ह कजरी?

सावन के एगो पख बीत रहल बा आज, मने सावन के आज अमावस ह। सावन में अइसे त धरती हरियराइल रहेली आ धरतीए ना बलुक पूरा संसार हरियर भइल रहेला। एह दौरान गांव जवार में पहिले नया उमिर के लइकिन आ नया नोचर कनिया लोग झिलुआ लगाई लो आ कजरी गाई लो। अबहूंओ कतहीं कतहीं ई सुना जाला, त आखिर का ह कजरी? एकर का कहानी ब आईं कजरी के बारे में कुछ जानकारी लिहल जाउ प्रसिद्ध लोकगीत गायक श्री शशि अनाड़ी ब्यास जी के लिखल एह आलेख से- कजरी…

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महेंन्द्र मिसिर के नाम पर ई-पुस्तकालय के स्थापना पर ऑनलाइन कवि सम्मेलन के भइल आयोजन

राम प्रकाश तिवारी,भोजपुरी समय, छपरा: आज जब चारोें ओर भोजपुरी भाषा के मान सम्मान के पुर्नस्थापना, भोजपुरी भाषा में अश्लील गीतन पर रोक लगावे अऊरी एकर बहिष्कार करे के मुहिम चल रहल बा। अइसन में भोजपुरी भाषा के नवका पीढ़ी में रोपे के संगे-संगे पुरनका आ नयका समय के भोजपुरी के कवि, रचयिता,गीतकार आ कलमकार के मान सम्मान खातिर हरदम प्रयत्नशील रहेवाला मंच अखिल भारतीय भोजपुरी संघ भोजपुरी के महान गीतकार, भोजपुरी गीतन के पहचान पूर्वी के जनक आ स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक पंडित महेंनदर मिसिर के नांव पर स्थापित…

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आद्रा नक्षत्र पर विशेष

*आद्रा नक्षत्र पर विशेष* सूरज के आद्रा नक्षत्र में जाए के साथ-साथ ,एह नक्षत्र के शुरुआत हो जाला।ई हर साल 22 जून के 24 घंटा में कवनो समय चाहे भोर में, चाहे दुपहरिया में, चाहे सांझि ले एह नक्षत्र के शुरुआत होला।ई 27 नक्षत्र में से छठवां नक्षत्र ह। जइसे लइकी के अइला पर खीर पूरी बना के स्वागत कइल जाला, ठीक ओसही एह नक्षत्र के भी खीर पुरी के साथ स्वागत कइल जाला। ई नक्षत्र 15 दिन तक रहेला। कवनो कवनो जगह पर अतना दिन तक उत्सव के रूप…

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संतकवि कबीर के जनम आ मृत्यु के तिथि बिचार- डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’

संतकवि कबीर के जनम आ मृत्यु के तिथि बिचार – डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’ उत्तर भारत के मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के क्रांतिकारी संतकवि कबीर के जनम तिथि, जन्म स्थान, परिवार, भासा, मरन तिथि आदि के लेके बिद्वान लोग के एकमत नइखे। आ जदि कबीर अपने चाहे उनका समकालीन उनकर केहू भक्त नइखे लिखले त जनम तिथि, जनम स्थान, परिवार आ मरन तिथि के लेके ठोस सबूत जुटावल कठिन बा। अइसहूं पहिले सम्पन्न परिवार का लरिका के जनम पतरी ना बन पावत रहे। विरले केहू का घरे लरिका पैदा होखे त…

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‘संत कबीर के सगुनोपासना’ – डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’

महान संत कवि कबिर दास जी के जयंती पर पढ़ीं डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’ के कबिर दास के सगुनोपासना पर लिखल ई आलेख ‘संत कबीर के सगुनोपासना’ – डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’ संत कबीरदास के बारे ई आम राय बा कि ऊ उत्तर भारत में निरगुन भक्ति धारा के पहिल संतकवि हवें। बाकिर हमरा समझ से कबीरदास खाली निरगुनिए भक्ति धारा के संत नइखन। ऊ सुगुन भक्ति धारा के भक्तो बाड़न। बाकिर ओह तरह से ना जइसे सगुन भक्ति धारा के संतकवि तुलसीदास बाड़न। तबो जे अपना नाम के पाछे दास लगवले…

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नवमी के करीं माई सिद्धिदात्री के पूजा

चैत्र नवरात्र के आज नऊंवां दिन ह। आज देवी दुर्गा के नंऊवा स्वरूप माई सिद्धिदात्री के पूजा कइल जाला। आज साधक के मन निर्वाण चक्र में स्थित रहेला। माई सिद्धिदात्री भगवान विष्णु के अर्धांगिनी हईं| जइसन कि सिद्धिदात्री, नांव से स्पष्ट बा कि माई सिद्धियन के देवे वाला हई। एही से अइसन कहल जाला कि इनकर पूजा कइला से आदमी के हर तरे के सिद्धि प्राप्त होखेला। चूंकि माई अपना एह रुप में कमल पर विराजमान बानी जवना के कारण इहां के कमला माइयो कहल जाला। मधु आ कैटभ के…

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