अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

यदि साचों में हमनी के भोजपुरी भा अपनी मातृभाखा के ले के गंभीर बानी जा तऽ हमनी के सोशल मीडिया में भोजपुरी में भले लिखीं जा चाहें ना बाकिर हमनी अपना घर के लइकन से भोजपुरी में बतियावे के चाहीं। बदलल समाज बेवस्था में सरकार के बहुत बरियार जोगदान बा बाकिर सगरी दोख सरकार पऽ डालि दिहला से हमनी के जिम्मेदारी खत्म ना हो जाई। जदि लोग एह बेरा ना चेताई तऽ दोसर भाखा जल्दिए मातृभाखा बनि जइहन सऽ अउरी हमनी के देखते रहि जाइब जा। जदि संभव होखे तऽ हमनी के इवेंड मोड से बहरी निकसि के अपनी मातृभाखा (संस्कृति आ अथाह ज्ञान) के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी ले प्राकृतिक तरीका से हस्तांतरित करीं जा।

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आर्थिक गतिविधि महामारी से पहिले वाला स्तर पऽ पहुँचल

आर्थिक गतिविधियन के सूचकांक के साथे गतिशीलता, बिजली के खपत अउरी श्रम भागीदारी जइसन उच्च आवृत्ति वाला संकेतक बतावत बाड़े सऽ कि भारतीय अर्थव्यवस्था में आर्थिक गतिविधि कोरोनाकाल से पहिले वाला स्तर से लगभग खाली 1.9% नीचे रहि गइल बा। लगभग सगरी उच्च आवृत्ति वाला आर्थिक संकेतक बतावत बाड़े कि भारतीय अर्थव्यवस्था जल्दिए पूर्व-महामारी के स्तर के जल्दिए पा जाई। हालांकि कि संगही इहो उम्मीद बा कि गतिशीलता आ श्रम भागीदारी संकेतकन के महामारी से पहिले वाला स्तर के पावे में अभी कुछ समय लागी। गतिशीलता संकेतक महामारी के पहिले…

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वैलेंटाइन डे – एगो नवका तेवहार

एगो नावा टटका पढल लिखल एडभांस युवा होखत समाज में छुवा छूत के बीमारी नीयन फइलत सात दिन से चले वाला प्रेम के समर्पित तेवहार के 14 फरवरी के दिन “वेलेंटाइन डे” के रूप में मनावे के परिपाटी जोर पकड़ रहल बा अपना देश मे। प्यार के समर्पित ई जश्न के ई स्पेशल ऑकेजन अब सप्ताह भर के उत्सव बन गइल बा जेकरा के वेलेंटाइन वीक के नाँव दिहल गईल बा। वेलेंटाइन डे के केहुके प्रति भी अपना प्रीत के दरसावे के परम्परा रहे यूरोपीय देश मे। जरूरी ना रहे…

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बदलत परम्परा

ए जमुना? जमुना…. कहाँ बाड़े रे बचवा? ई त बड़की माई के आवाज ह। आव बड़की माई आ जो… गोड़ धरतानी ये बड़की माई । अरे ! छोटकू तू कब अइलsह बचवा ? बाड़ न ठीक ठाक दुल्हिन आ बाल बच्चा के ना ले अइल हs ? बड़की माई सभे आपन पढ़ाई लिखाई आ काम धन्धा में बाझल बा । अम्मा के तबियत खराब के समाचार मिलल ह देखे आ गइनी हs । बड़ा निमन कइल हs ये बचवा । भगवान जीव जाँगर बनवले राखँस… बड़की माई कहलस । जीजी…

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देशी आंदोलन में लागल बिदेशी तड़का

agriculture in India

देश के बुढ़वा लोकतंत्र में पढ़ल लिखल साहब कहाये वाला समाज से सम्बन्ध राखे वाला लोग के जाहिल नीयन हिंसा के तसवीर पूरा दुनियाँ देखलस आ खुबे किरकिरी आ शिकायत भइल एह कृत्य के। सत्ता हस्तांतरण के समय अइसन उत्पात के नाजिर कमें देखे के मिलेला इतिहास में। शर्मसार भइल अइसन देश जेकर सम्मान आजुवो पूरा दुनियाँ करेला। अभी एह घटना जेहन से मिटल ना रहे । तबे दुनियाँ के बड़हन लोकतंत्र में नावा कृषि कानून के बिरोध में महीनन से देश के राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर धरना पर…

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केन्द्रीय बजट 2021-22

लॉकडॉउन के बाद, जे तरे भारतीय अर्थव्यवस्था में आर्थिक गतिविधि में बढ़न्ती भइल बा ऊ भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत भविष्य के ओर अँगुरी देखावत बा। शेयर बाजारो एही आशावादी भाव के दर्शावत तेजी के रूख अपनवले बा। बाकिर ई बहुत जरुरी बा कि अर्थव्यवस्था अउरी बाजार के एह आशावादी रुख के बनवले राखे खातिर सरकार से भरपूर अउरी मजबूत सहजोग मिलो अउरी केन्द्रीय बजट ओकर सबसे बरियार माध्यम बा। सरकार केन्द्रीय बजट 2021-22 के ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ से शुरू कइल परियासन के आगे बढ़ावे के परियास करत नजर आवत बे।…

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बहुते अनोखा बा बहत्तरवां गणतंत्र दिवस

कोविड-19 से उपजल समस्या अउरी कुफुत के बीच देश आपन 72वां गणतंत्र दिवस मना रहल बा। परम्परा के निभावे के त बटले बा लेकिन पारम्परिक भब्यता एह बेर देखे के ना मिलल । दिल्ली में आयोजित मुख्य परेड में सामिल होखे वाला जवान आ झांकी के गिनती भी पहिले के मुकाबला आधे बा अउरी परेड हर साल लाल किला पर खत्म होला एह बेर नेशनल स्टेडियम पर ही खतम हो गइल । जवन पूरा दूरी के आधे रहे। सरकारी फरमान के चलते दर्शक के संख्या भी सीमित रहे। ए बेर…

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घर बदलल जर बदलल – बदल गइल रहन

ई साँच बा कि समय के साथ सोच शरीर आसपास आम खास कुल्हिये कुछ ना कुछ बदली जाला । ई बदलाव देंखि के जीनिगी प्रभावित त होखबे करेले । देंखि ना पिछला कुछ साल में हमनीके समाज खुबे बदलल बा। बदलाव के बयार से शहर पर भार बढ़ल त उ गाँव की ओर लपकल पहिले त सिवान खेत बघार के घोंटलस आ आगे मुहे बढ़े के काम अबहियो चालुये बा। गाँव शहर भइल त माहौल बदलल आ माहौल के बदलाव से अदमी के सोच समझ बदल गइल, धन ज्ञान जजात…

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अफवाह के आग से घिरल कोरोना वैक्सीन

कोरोना महामारी के संक्रमण के चलते अदमी के जिंदगी कटाह बन गइल रहल ह आ अबहियो बिपत ओराइल नइखे। जिन्दगी पर उदासी के बदरी घनघोर घेरले बा। अपना देश मे आपन वैक्सीन ईजाद भइला से उमीद के किरण लउकल बा आ बदरी अब गते गते छँटे लागल बिया। भारत अपना बलबुते दुनिया के सबसे बड़हन टीकाकरण अभियान देश के प्रधानमंत्री मंत्री के हाथे “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे भवन्तु निरामयाः” के महामंत्र के साथे श्री गणेश क के कोरोना के खिलाफ निर्णायक जंग के एलान कई दिहलस। पहिला चरण में करीब…

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शेयर बाजार में बढ़त अस्थिरता

भारतीय शेयर बाजार पिछिला कई महिना से एकसुआहे तेजी के रुझान पकड़े बा। 23 मार्च 2020 के सबसे निचिला स्तर से अबले शेयर बाजार के सूचकाँक सेंसेक्स अउरी निफ्टी-50 बढ़ि के लगभग दूगुना हो गइल बा। बाकिर एह तेजी के संगही बाजार में दैनिक आ साप्ताहिक अस्थिरता बहुत अधिक बढ़ि गइल बा। बिना स्पष्ट कारन के कहियो बाजार कई प्रतिशत गिर जाता अउरी ओही दिने भा अगिला दिने बाजार फेर से कई प्रतिशत बढ़ि जाता। उदाहारण खाती 18 मार्च के बीएससी सेन्सेक्स 623 अंक के गिरावट के संगे 1.3 प्रतिशत…

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