भोजपुरी के संस्कृति आ संस्कार के बचावे में जुटल बा जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया परिवार-ज्वाला सिंह

राम प्रकाश तिवारी, भोजपुरी समय, अमही मिश्र, गोपालगंजः  “वहाटस्एप पर शुरु भइल एगो ग्रुप से आज एगो बृहत परिवार में बदल गइल बा जय भोजपुरी झय भोजपुरिया संस्था। ई परिवार आज देश दुनिया में फइलल अपना सवाङंग-सवाङगीन का जरिए माई भाखा भोजपुरी के अश्लीलता से मुक्त करे आ एकरा संस्कार आ संस्कृति के बचावे में जुटल बा।” ई कहनाम रहे सारण भोजपुरिया समाज के सर्वप्रिय अध्यक्ष आ जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया के वरिष्ठ सदस्य आ प्रमुख समाजसेवी ज्वाला सिंह के। श्री सिंह सोमार के दिने जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया नामक संस्था के तीसरका सालाना सांस्कृतिक आ साहित्यिक महोत्सव-3 के उद्घाटन सत्र में संस्था के द्वारा कइल गइल आ भविस में करे वाला कामन के संगे-संगे वर्तमान में हो रहल कामन के बारे में बतलावे के क्रम में कहनीं। आईं पढ़ल जाव ज्वाला बाबू के द्वारा कहल गइल आउर  कुछ प्रमुख बातन केः

भोजपुरी खातिर समर्पित संस्था जय भोजपुरी- जय भोजपुरिया के एह तीसरका सालाना “साहित्यिक आ सांस्कृतिक महोत्सव-3” में रउआ सभे के हार्दिक स्वागत आ अभिनंदन बा। 29 जुलाई 2015 के व्हाट्सएप पर एगो ग्रुप के रुप में श्री गणेश नाथ तिवारी जी के द्वारा शुरू भइल ई परिवार रुपी संस्था के दिसम्बर 2017 में जय भोजपुरी जय भोजपुरिया ट्रस्ट का रूप में पंजीकृत करावल गइल। जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के द्वारा हर बरिस परिवार के स्थापना दिवस पर देश के राजधानी दिल्ली में कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह आयोजित कइल जाला। जवना में दिल्ली एनसीआर में रहे वाला भोजपुरी भाषा भाषी लोग के बृहद जुटान होला। एही कड़ी में पछिला तीन बरिस से परिवार के सालाना सांस्कृतिक आ साहित्यिक महोत्सव के आयोजन कइल जाला। एह कार्यक्रम में भोजपुरी साहित्य आकाश के अक्षुण्ण तारा परम आदरणीय श्रद्धेय श्री राधा मोहन चौबे अंजन जी के पुण्य स्मृति में हर बरिस भोजपुरी भाषा में काम करे वाला साहित्यकार के अंजन सम्मान से सम्मानित कइल जाला। एह में 5001 रुपया नगद आ सम्मान पत्र दिहल जाला। एकरा संगे संगे साफ सुथरा गीत गवनई करे वाला नवही गायक गायिका कलाकार के तीस्ता सम्मान से पुरस्कृत कइल जाला, एहू पुरस्कार में 5001 रुपया नगद आ सम्मान पत्र दिहल जाला। जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के हरमेशा से इहे ध्येय रहल बा कि साफ सुथरा गीत कविता आ साहित्य संस्कृति के संरक्षण कर के अपना भोजपुरिया संस्कृति के बचावत अगिला पीढ़ी के सौंपल जाव। एकरा अलावा परिवार के द्वारा सिरिजन तिमाही भोजपुरी ई पत्रिका निकालल जाला। एह पत्रिका में परिवार के संगे संगे देश विदेश में रहे वाला भोजपुरी के प्रसिद्ध साहित्यकार आ नवांकुर साहित्यकार लोग के रचना के प्रकाशन कइल जाला जवना के समस्त भोजपुरिया बधार में बड़ा चाव से पढ़ल जाला।

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