आद्रा नक्षत्र पर विशेष

*आद्रा नक्षत्र पर विशेष*

सूरज के आद्रा नक्षत्र में जाए के साथ-साथ ,एह नक्षत्र के शुरुआत हो जाला।ई हर साल 22 जून के 24 घंटा में कवनो समय चाहे भोर में, चाहे दुपहरिया में, चाहे सांझि ले एह नक्षत्र के शुरुआत होला।ई 27 नक्षत्र में से छठवां नक्षत्र ह।

जइसे लइकी के अइला पर खीर पूरी बना के स्वागत कइल जाला, ठीक ओसही एह नक्षत्र के भी खीर पुरी के साथ स्वागत कइल जाला।

ई नक्षत्र 15 दिन तक रहेला। कवनो कवनो जगह पर अतना दिन तक उत्सव के रूप में भी मनावल जाला।जइसे कि घर में पूजा पाठ कइल, कथा करावल, ब्राह्मण के भोजन करावल और दान दक्षिणा दिहल, आपन सामर्थ के अनुसार जरूरतमंद लोग के मदद कइल जाला।

मानल जाला कि सूर्य के आद्रा नक्षत्र में आवे के समय देश में वर्षा ऋतु के आगमन हो जाला और फसल के उपज के शुरुआत होखे लागेला।इहे 15 दिन में हमनी के लगातार तरह-तरह के पकवान बनाके आनंद मनावेनिजा।अंतिम दिन में पुआ पुड़ी से एह नक्षत्र के खुशी पूर्वक विदाई होला।

साभार

माया चौबे

बक्सर
वर्तमान तिनसुकिया असम

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