छठ आउर सूर्य पूजा

कार्तिक मास के अमावस मने दियरी के चउथा दिन से शुरु हो जाला प्रकृति आ साय़ात देव भगवान सूर्य के उपासना के महापरब छठ। चार दिन ले चले वाला एह महापरब में भगवान सबर्य के उपासना के का महात्म बा, काहें उनकर पूजा कइल जाला एह पर अपना लेख के माध्यम से प्रकाश डाल रहल बानी भारत से लाखन किलोमीटर दूर रहे वाला श्री रुद्र दुबे जी। त आईं पढ़ल जाव रुद्र दुबे जी के ई आलेखः  छठ आउर सूर्य पूजा “ओम ह्रीं ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” छठी मइया…

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‘सूपवा बोले त बोले चलनियों बोले, जेम्मे बाटे बहत्तर छेद’

भोजपुरी साहित्य के सुप्रसिद्ध पत्रिका भोजपुरी साहित्य सरिता के  संपादक, सुप्रसिद्ध साहित्यकार, व्यंग्यकार के संगे संगे भोजपुरी भाषा के प्रखर पैरोकार श्री जयशंकर प्रसाद द्विवेदी उर्फ जे.पी.भइया के लिखल एगो टटका व्यंग रचना के पढ़ीं आ भोजपुरिया बधार में उपस्थित लक्षणा आ व्यंजना के आनंद उठाईं। का जमाना आ गयो भाया,जेने देखी, भउका भर-भर के गियान बघारल जा रहल बा। गियान बघारे का फेरा में दरोगा, सिपाही से लेके जेब कतरा आ चोरन के सरदारो तक लागल बा लो। अपना लोक में एगो कहाउत पुरनिया लोग क़हत ना अघालें कि…

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