सुन्नी वक्फ़ बोर्ड मंजूर कइलस अयोध्या में सरकार के दिहल जमीन

भोजपुरी समय,अयोध्या: पछिला साल जब नवंबर में सुप्रीम कोर्ट अयोध्या ममिला में आपन फैसला देले रहे जवना में भगवान राम के जन्मस्थान के जगहा हिंदू लोग के आ मस्जिद खातिर मुसलमान लोग के अयोध्या में ही अलगा पांच एकड़ जमीन सरकार के देवे के रहले रहे। जब एह आदेश के पालन करत जब मुस्लिम पक्षकार सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के अयोध्या के सोहावल  तहसील के धन्नीपुर गांव में 5 एकड़ जमीन आवंटित कइले रहल हs ओकरा के बोर्ड स्वीकार ना करत रहे, बाकिर अब सुन्नी वक्फ़ बोर्ड  अब एही 5 एकड़ जमीन के कबूल कर लेले बा। अयोध्या प्रशासन के मोताबिक धन्नीपुर में सुन्नी बोर्ड के मस्जिद खातिर दिहल जमीन पसंद पड़ गइल बा। सुन्नी वक्फ बोर्ड अयोध्या के धन्नीपुर में मस्जिद खातिर प्रस्तावित जमीन के मंजूर कर लिहले बा।

सुन्नी बोर्ड के सूत्रन के मोताबिक एह 5 एकड़ जमीन पर ऊ लोग मस्जिद का जगहा शिक्षण संस्थान बनवाई लोग एकरा संगहीं हिंदू-मुस्लिम एकता के चिन्हासी का रुप में कवनो संस्थान भी बनवावल जाई। उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के सूत्र के ईहो कहनाम बा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसला के बाद जमीन सरकार के ओर से मिलेके बा, एसे एहमें ओह लोगके अपना पसंद के कवनो विकल्पे नइखे बाकिर प्रस्तावित जमीन बहुते सुन्नर बा। सुन्नी वक्फ बोर्ड के हरमेशा से अइसन मानना रहल बा कि ऊ सुप्रीम कोर्ट के फैसला के स्वीकार करी। एहीसे बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका या क्यूरेटिव याचिका दाखिल नइखे कइले ।

सूत्रन के मोताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन करत सुन्नी वक्फ बोर्ड  जमीन के स्वीकार कर लिहले बा। दअरसल, यूपी सरकार  मस्जिद खातिर अयोध्या के सीमा के भीतरे धन्नीपुर गांव में सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के जमीन देवे के पेशकश कइले बिया।  अब 24 फरवरी के बोर्ड के होखे वाला बइठक में बोर्ड भी मस्ज़िद बनावे खातिर एगो ट्रस्ट के घोषणा कर सकता। ओहिजा इहो संभावना बा कि ट्रस्ट के नाम इंडो इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन रखा सकता।

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