विंध्याचल में निकलल अनोखा शिव बारात

शिव बारातशिव विवाह में शामिल ब्रह्मा, विष्णु भी अपना खातिर दुल्हिन खोज के कइल लो बियाह।
नितिन अवस्थी, भोजपुरी समय, मिर्ज़ापुर: माई विंध्यवासिनी के नगर विन्ध्याचल में महाशिवरात्रि के मौका पर एगो अलगे शिव बरात मय गाजा बाजा के अपना पूरा शान के संगे निकलल। एह शिव बरात में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु आ महेश के सांचहू के बियाह भइल। त्रिदेव के रुप धइले ई तीनों बेकती अपना अपना दुल्हिन के संगे अगिनी के गोवाह मानके गृहस्थ आश्रम में प्रवेश कइल लोग। एह अनूठा बरात में बियाह के सभ बिधी-बेवहार नगर विधायक पं० रत्नाकर मिश्र अपना पत्नी के संगे पूरा कइलें। एह बरियात के खास बात ई बा कि एहमें त्रिदेव के रूप धारण करे मौका आदमी के जिनगी में एके बेर मिलेला।

शिव जी के संगे ब्रह्मा विष्णु भी बनेलन दुल्हा
रउआ सुनके अचरज होखी बाकी ई लांच बा , शिवरात पर शिव बरियात के पुरान परम्परा बा, बाकिर विन्ध्याचल में निकले वाला शिव बरात के नजारा ही अलग रहेला। एह बरियात में शामिल महादेव के संगहीं ब्रह्मा आ विष्णु भी दुल्हा बनेलन| अग्नि,ध्रूव तारा आ सभ नात रिस्तेदारन के साक्षी मानत ई त्रिदेव लोग पार्वती, सरस्वती आ लक्ष्मी के संगे सात फेरा लिहल लोग| बरियात में देवता लोग के संगे संगे ही शिव जी के गण, भूत पिशाच नाचत गावत शामिल भइले जिनकर ऊंहा उपस्थित लोग पूरा जोश के संगे सुवागत सत्कार कइलस।
दुआरे बरियात लगला के बाद द्वारपूजा आ जयमाला के बिधी भी कइल गइल। पूरा वैदिक बिधि से त्रिदेव के रूप धइले एह युवकन के ओही वेशभूषा में बियाह भइल | बिधि-बिधान से त्रिदेव तीनू देवियन के वरण कऽ के जीनगी भर साथ निभावे के वचन दिहलें | बियाह के बाद एह नवविवाहित जोड़न के की तरह के उपहारो भी दिहल गइल।

आरती करत नगर विधायक पं० रत्नाकर मिश्र
आरती करत नगर विधायक पं० रत्नाकर मिश्र

विंध्याचल में अनोखा शिव बरियात के पुरान परंपरा बा
विन्ध्य धाम में फागुन के शिवरात पर बाबा भोलानाथ के अनोखा बरियात निकाले के बरिसन पुरान परम्परा रहल बा| बरियात में भगवान भोलेनाथ के संगे संगे देवलोक के देवता-पितर आ शिवजी के गण भूत पिशाच नाचत-गावत शामिल भइलें, जेकर अगुआई खुद मृत्युलोक के देवता यमराज करत रहलें| एह बरियात के विशेषता इहे हऽ कि शिव के बरात में शामिल ब्रह्मा आ विष्णु भी अपना-अपना जीवन संगिनी के वरण करेलें। सुन्दर सुन्दर कपड़न के संगहीं खल-बिखल के वेश भूषा में सजल बरियात के जोरदार स्वागत कइल गइल| दुआरी पर बरियात लगला के बाद द्वारपूजा आ जयमाला के संगे संगे वैदिक विधि से त्रिदेव के रूप धइले युवकन के देवी लोग आरती उतारल | पार्वती, सरस्वती आ लक्ष्मी के गर में त्रिदेव के जयमाला डालते ही पूरा विन्ध्य क्षेत्र हर हर महादेव से गुंजायमान हो गइल | एह अनोखा बरियात में शामिल त्रिदेव बहुते खुश नजर अइले।
बाबा बूढ़ेनाथ कमेटी करेले सभ बेवस्था
आदि शक्ति माँ विंध्यवासिनी के धाम में त्रिदेवन के बियाह के बेवस्था बाबा बूढेनाथ कमेटी करत आ रहल बीया। शिवरात्रि के दिन बाबा भोले नाथ के बियाह भइल रहे बाकी उनके संगहीं ब्रह्मा आ विष्णु के बियाह के साक्षी हजारों विन्ध्याचल वासी बनलें | इहवां के लोगन के ई मानन बा कि त्रिदेवन के बियाह के देखे के अवसर बड़ा भाग से मिलेला ।विन्ध्याचल में शिवरात्रि के दिन शिव बरात निकाले के ना केवल परम्परा बा बलुक| शिव बरियात में शिव के रूप में दुल्हा बनल युवक के साचंहू के बियाह होला।

Related posts

Leave a Comment

sixteen + 11 =