महतारी  भाखा ( मातृभाषा ) दिवस ::: एगो  ब्यंग्य

महतारी  भाखा ( मातृभाषा ) दिवस ::: एगो  ब्यंग्य

जइसे  स्वाधीनता  दिवस ,मजदूर  दिवस , झंडा  दिवस—-वोइसहिं  हरेक  साल  आवेले  महतारी  भाखा  दिवस  उहो  एक  दिन  खातिर । बिअहुती  दुलहिनियो  के  मान  जान  सावा  महिना  तक  होला  बाकिर  भाई  भाखा  के  मान  जान  बस  एक  दिन  तक  होला ।

हमरो  किहाँ  आजु  *माई  भाखा ::: भोजपुरी   दिवस*  मनावल  गइल  हऽ । फेसबुक  विश्वविद्यालय  के  भाखाविद्  सर्व  श्री लाइकर्स  कुमार , मिस्टर  काॅमेन्टबिहारी  जी  के  साथे – साथे  मैडम  वाह ! वाह !  , सिस्टर  क्या  बात  है ! मुख्य  अतिथि  रहल  ह लोग । आयोजनकर्ता  *अखिल  भारतीय  ह्वाट्स्प  संघ*   के   मि• अभिव्यक्ति  कुमार  ( हिन्दी  ग्रुप  के  एडमीन ), श्री  कविता  कुमार ( साहित्य  मंच  ग्रुप  के  एडमिन ), मिस•  Wow ( रंगमंच  ग्रुप  के  एडमीन ) आ  आरा  जिला  भोजपुरी  संघ  के   ह्वाट्स्प  मंत्री  भाई  नीमन  लागल  कुमार  जी  रहनी  हऽ ।

                       अति  विशिष्ट  अतिथि  के  रूप  में  हिन्दी  के  प्रोफेसर  डाॅगधर पुरस्कारानंद  जी , अंग्रेजी  भाखा  के  विद्वान  प्रो•  डिकोस्टा  सर , उर्दू  के  नामचीन  हस्ती  मोहतरमा  सुभान  अल्लास  साहिबा  के  अलावे  बहुते  नीमन – नीमन  लो आइल  रहलनि  हऽ । गोर – गोर  अप्रवासी  भोजपुरियन  के  फरफरात  अंगरेजी  तऽ  गजबे  समा  बन्हले  रहलि  हऽ । देखनहरू  के  खचाखचा  भीड़  लागल  रहे । भाई  एक्सक्यूज  जी , मैडम  साॅरी  जी , मिस्टर  एवेसम  जी , सरदार  वाह्ह्ह्ह सिंह  साहब अइसन  कतने  मरद – मेहरारू , लइका – लइकी  जूटल  रहलनि  हऽ ।

उदघाटन  मंच  तइआर  रहे । उदघाटनकर्ता  के  स्वागत  में  इस्टेज  प  पछिमी  ड्रेस  में  सज – धज  के  आयोजक  लोग  खड़ा  रहलनि । जीन्स , टी सर्ट , सूट , जैकेट  के  उपर  से  माई  भाखा  के  मात्र  एगो  चिन्हा   के   रूप  में  दू  घंटा   खातिर  गमछा  सभे  लेले बा । स्थानीय  नामी  गिरामी  अंग्रेजी  इस्कूल  ( जवना  के  हाता  में  भोजपुरी  बोलला  प  नाम  काट  दिआला , जवना  के  भीतर  गइला  पर   हमरो  जस  भोजपुरिया  अंगरेजी  में  येस  नो  करे  लागेलन )  के  लइका – लइकी  स्वागत – गान  गावे  खातिर  आइल  रहलनि । येही  बीचे  हाला  भइल  कि  चीफ  गेस्ट  जी  (  इहाँ  के  सहर  के  नामी  इड़्गलिस    स्पोकेन   क्लासेज  के   डायरेक्टर  )  गइनी ।  इस्टेज  प  से   मायेक  से  बड़ी  मीठ  आवाज  में  एनाउन्सर  कहली  कि   *रियली  हमनी  खातिर  ई  खुशी  के  इवेन्ट  बा । हम  चीफ  गेस्ट  सर  से  आग्रह  करत  बानी  की  स्टेज  पर  तशरीफ  लाईं । उहाँ  के  स्टेज  पर  अइनी  । उहाँ  के  आ  के   मोमबती  बारि  के  दियरी  जरवनी  । लोग  जमि  के  थपरी  बजावत  रहे  बाकिर  क्लैपिंग  कहात  रहे । एकरा  बाद  स्वागत  गान के  नाम  पर  वेलकम  साड़्ग  गवाइलि । मंच  के  संचालिका  चीफ  गेस्ट  से  रिक्वेस्ट  कइली  कि  आ  के  इनाॅगुरल ( उदघाटन )  स्पीच  दीं ।  माइक्रोफोन  पकड़ि  के  स्टाईल  में   महोदय  जी  बोले  सुरू  कइनी , ” रउआ  लो  के  अपना  लाॅड़्गवेज  के  प्रति  डिवोसन  आ  इमोसन  देखि  के  रीयली  आई  एम  टू मच  पाॅजिटीव  अइसन  कलचरल  एक्टिवटी  होत  रहे  के  चाहीं । येह  से  मुच्युल  अंडरस्टैन्डिड़्ग  बढ़ेला । हम  रउआ  सभ  के  येह  हिमालयन  इफोर्ट  के  फ्राॅम  द  कोल  ऑफ   हर्ट   सैल्यूट  करत  बानी । आ  येह  प्रेसटीजियस  स्टेज  से  एनाउन्स  करत  बानी  कि  येह  पिछड़ल  छेत्र  में   असो  से  एक  दर्जन  इंगलिस  स्पोकेन  कोर्स   के  इन्सटिट्यूट  खोल  रहल  बानी  जेकरा  से  इहाँ  के  नवका  पीढ़ी  आगे  बढ़ी । भोजपुरी  लोक  के  ग्लोबल  करे  खातिर  कजरी  में  राॅक , सोहर  में  ऑरकेस्ट्रा  आ  छठ  के  गीतन  में  राॅक  मिक्सिंग  करे  में  सुबिधा  होई । आ  भोजपुरी  एगो  वैश्विक  बोली  बनि  जाई । लास्टली  रउआ  सभे  के   हम  काॅन्ग्रुच्यूलेसन  देत  बानी । पूरा  हाॅल  खाड़  होके  थपरी  बजावल  जब  उहाँ  के  कहनी  कि  *आई  लव  यू  भोजपुरी । “*

अगिला  वक्ता  रहनि  हिन्दी  ह्वाट्स्प  ग्रुप   के  डबल  एमे , त्रिमोबाइलधारी  भाई  श्रीयुत्  अभिव्यक्ति  कुमार  जी । थपरी  के  सवखीन , मायक  खातिर  हहाइलि  इहाँ  के  टपाक  से  बोले  लगनी , “अंतस  तरंगित  बा  वाह्य  अनुरंजित  बा  आजु  के  दिन  चहुदिशि  उमंगित  बा । अपार  हर्ष  होता  बा  कि  आजु  हिन्दी  के  उपबोली  ( चाहे  छोट  बहिन  कह  सकेनी ) दिवस  के  आयोजन  कइल  गइल  बा ।  दैनिक  जीवन  से  अब  धीरे – धीरे  भोजपुरी  के  कनेक्टिविटी  कम  हो  रहल  बा  जवन  की  रउआ  सभ  के  भाषाई  उदारीकरण  के  प्रतीक  बा । तबो  साल  में  एकाध  गो  अइसन  क्रिया कर्म  होत  रहे  के  चाहीं  , येह  से  हमनी  के  भाषाई  परचार  प्रसार  में  काफी  मदद  मिल  सकेला । घर  में  भले  हिन्दी  भा  अंगरेजी  बोलीं  बाकि   बहरी  भोजपुरी  के  प्रचार  करीं , माई  के  खाईं  मौसी  के  बतिआईं । ” हम  हृदयाभार  व्यक्त  करत  बानी  कि  रउआ  लो  हमरा  के  मान – सम्मान  दिहनी ।

अंत  में  धन्यवाद  देबे  के  मोका  आइल । संचालिका  मैडम  साॅरी  जी , संयोजक  मंडल  के   आरा   समूह  के  ह्वाट्स्प  मंत्री  के  बोलवली  आ  कहली  कि  अब  रउआ  थैन्किंग  यू  क  दीं । मंत्री  श्री  नीमन  लागल  कुमार  जी  ठाढ़  हो  के  असमंजस  में   बानी  का  कहीं  का  ना  कहीं  का  कहबि  त  सभ  समझी – बुझी । उहाँ  के  तनिका  सा  सकुचाते  कहनी  कि  हमरा  गर्ब  कि  हम  भोजपुरिया  हईं  आ  ई  कहे  में  हमरा  ऐथी  होत  बा  कि  आजु  हमनी  के  चाऊ – चोखा  खा  के  पाॅप आ  झूमर  मिक्स  करत  बानी , जीन्स – कुरती  पहिर  के  बिदेसिया  आ बीटल  के  गीत  के  फ्यूजन  करत  बानी । आ  सभ  से  बड़का  बात  त  ई  कि  ई  सभ  भोजपुरी  के   सान  में  करत  बानी  जा ।  आजु  नयकी  पीढ़ी  निरहुआ  आ  राखी  सावंत  के  फिल्मा  के  लोक  से अस्लीलता  मेटावत  बा । सुटेबुल  बाॅय  उपन्यास  पढ़ि  के  भिखारी  प  लेक्चर  दिआत  बा । ई  भोजपुरी  के  प्रगतिशीलता  के  प्रतीक  बा ।

हम  रउआ  लो  के  तहे  दिल  से  धन्यवाद  करत  बानि  कि  रउआ  लोग  अइनी ।

जय  भोजपुरी

अमरेन्द्र  कुमार  सिंह

आरा  *भोजपुर* बिहार

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3 Thoughts to “महतारी  भाखा ( मातृभाषा ) दिवस ::: एगो  ब्यंग्य

  1. अमरेन्द्र कुमार सिंह

    भोजपुरी समय के मुख्य कार्यकारी सहित पूरा टीम के कार्य कुसलता सराहनीय बा । भीजपुरी के आगे ले जावे में ई पतरिका एगो मील के पत्थर साबित हो रहलि बिया । काहे से कि येह में एक साथे लोक – शास्त्र , कला – साहित्य , अर्थ – राजनीति भा कहीं के जीवन के विविध रंग के ई एगो कलाकृति बा , ऐनक बा भा कैनवस बा ।
    हम येह पत्रिका के उज्ज्वल भवित् के सूकामना देत बानी ।

  2. Aruna Singh

    The effort of this Lok Patrika in Folk mode is global and appreciable .
    The articles published in Patrika are factual and are connected with vox populi.
    I wish a bright future to this lively e_ version of magazine.

  3. Aruna Singh

    This Bhojpuri Magazine is doing its best and is connected with the vox populi.

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