मदर्स डे

आज सबेरे से ही जइसे मोबाइल खोलनी हऽ वहाट्सएप से लेके फेसबुक आ सगरी सोशल मीडिया पर खाली एकेगो सनेस रहल सनेस रहल हऽ हैप्पी मदर्स डे। तब हम सोंच में पड़ गइनी हऽ कि का अपना माई-बाप के प्रति आपन प्यार आ आदर जतावे भा देखावे खातिर हमनी के कवनो दिन विशेष के जरुरत पड़ी। हमरा हिसाब से त ना, काहे से कि हमनी के भारतीय संस्कृति में त कम से कम अइसन नाहिए बा। हमनी के त दिन के शुरुआते होला माई के गोहरा के आ सुते के बेरा भी माई बाबू के इयाद कऽ के ही आदमी सुतेला। त फेर हमनी के का अइसन जरुरत आ गइल कि एह मदर्स डे आ फादर्स डे के जरुरत पड़ गइल। हमहीं ना रउआ भी जब ई सवाल के इस्थिराह मन से सोंचेब त पाएब कि हमनी त झूठें एह फेरा में पड़ल बानी जा। असल में भारतीय आ खासकर के भोजपुरिया संस्कृति में त माई-बाप, गुरु, दोस्त एह सभके त अपना से भी बढ़ के स्थान बा। एह लोग के खातिर आदमी त काल से भी लड़े मरे के तइयार रहे लें। बाकिर बाजारवाद आ पच्छिम के नकल करे के आदत हमनी से जवन ना करावे ऊ कम कहाई। आज बाजारवाद के फेरा में पड़ी के हमनी सालभर में एक दिने अपना माई बाप भा दोस्त के इयाद कर रहल बानी जा। पहिले पूरा परिवार एकठ्ठे रहत रहे, आज त एकल परिवार के जमाना बा ओहू में सोशल मीडिया त अब एके घर में रहे वाला लोग के बिलगा देले बा। पहिले सांझ होखते दुअरा पर बाबा चाहे घर के केहू पुरनिया अपना लगे घर भर के लइकन के बइठा के ज्ञान आ धर्म कर्म के बात छोट-छोट खीस्सा आ कहानी के रुप में सुनावे लगिहें। आ लइको ओह सभ के बड़ी चाव से सुनीहें आ ना खाली सुनीहें ओकरा के गुनबो करीहें। खैर ऊ जमाना बीत गइल आ बीतल समय, कमान से छुटल तीर आ जबान से निकलल शब्द ना लवटल बा ना कबो लवटी। बाकिर देखीं ना आज लोग घर में रहता तबो अपना अपना मोबाइल लैपटॉप आ आई-पैड में ही बाझल रहता। ओकरा लगे सवांसे नइखे कि ऊ बइठ के अपना लइका से अपना परिवार के आउर लोग से उनकर हालचाल पूछ सके। आ जानतानीं एह मोबाइल आ लैपटॉप में लोग का करता, खाली सोशल मीडिया पर फोटो आ विडीयो डलला आ कुछो बतकुंचन में आपन कमेंट कइल ही सबसे बड़का धर्म आ कर्म बुझता लोग। त अइसन में अब का होखी, लोग एक दोसरा के देखादेखी लागल बा फेसबुक आ वहाट्सएप पर मदर्स डे आ फादर्स दे मनावे। एह लोगन में 90 प्रतिशत अइसनो होइहें जिनका घर में माई-बाप के कवनो इज्जत ना होखी, ऊ लोग एह लोग का खातिर एगो बोझा से कवनो दिसाईं कम ना होखी लोग बाकिर सोशल मीडिया में स्टेटस अपडेट करे बदे मदर्स जे पर माई के संगे आ फादर्स डे पर बाबुजी के संगे एगो फोटो आ आई लभ यू भा आई मिस यू लिखला में आपन शान बुझत होई लोग। त देखीं हम त ईहे कहेब कि अगर रउआ अपना माई से भा बाबू जी से सांचो पेयार करीले त उनकर नीमन से खेयाल राखीं आ उनकरा से अगर दू टूंग बात पेयार से क लेब आ उनकरा से उनकर हाल-चाल रोज पुछ लेब त ई बुझीं की राउर मदर्स आ फादर्स डे रोजे बा।

राम प्रकाश तिवारी

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