भोजपुरी में भी होखो पढ़ाई

भारत के शि‍क्षा आउर भाषा

भारत में शि‍क्षा आजकल खाली अंग्रेजी अउरी हि‍न्‍दी में ही सि‍खावल जाला। हालांकि‍ दक्षि‍ण क्षेत्र के साथ साथ पश्‍चि‍म बंगाल, असम, नागालैंड, मि‍जोरम, गुजरात, महाराष्‍ट्र, केरल आदि‍ राज्‍यन में आजो स्‍थानीय भाषा में शि‍क्षा दि‍हल जाला।

हमनी के संवि‍धान में हि‍न्‍दी के आधिकारिक भाषा के दर्जा दि‍हल गईल बा आ अंग्रेजी के अंतराष्‍ट्रीय भाषा के। संवि‍धान में 22 गो स्‍थानीय भाषा के जगह दि‍हल गइल बा मगर भोजपुरी के कहीं भी स्‍थान नइखे। हमनी के हि‍न्‍दी भाषा बोले वाला क्षेत्र में कवनों स्‍थानीय भाषा में शि‍क्षा ना दि‍हल जाला काहे की स्‍थानीय भाषा में पढ़ाई कइल आपन अपमान समझल जाला। आज इस्थिती अइसन बा कि‍ लोगबाग हि‍न्‍दी भाषा में भी पढ़ल लि‍खल ना चाहेला, कोशि‍स करेला कि‍ जेतना हो सके, अंग्रेजी में ही पढ़ाई कइल जाव।

मतलब ई बा कि‍ ना आपन भाषा आवेला, ना हि‍न्‍दी आ ना अंग्रेजी। अब हमनी सब के काम बा कि‍ लोगन के समझावल जाव कि‍ सब लोग आपन-आपन भाषा के प्रयोग करे और उहे भाषा में ही पढ़ाई लि‍खाई करे के कोशि‍स करे लोग। हमनी सब मि‍ल के सरकार से आग्रह कइल जाव की जे लेखान दोसरा राज्‍य में स्‍थानीय भाषा में शि‍क्षा दि‍हल जाता, ओंही तरे बि‍हार अउर यूपी में भी हि‍न्‍दी, अंग्रेजी के साथ साथ भोजपुरी में भी पढ़ाई लि‍खाई कइल जाव।

राकेश कुमार

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