प्रशिक्षण के बादो स्मार्ट बनावे के योजना भइल बेकार

भोजपुरी समय, पटना

बिहार सरकार के मुखिया नीतीश बाबू ग्रामीण क्षेत्रन में कल्याणकारी योजनन में तेजी के संगे पारदर्शिता ले आवे के दिशा में बड़का कदम उठावत राज्य  के एक लाख आंगनबाड़ी केंद्रन पर काम कर रहल सेविकन खातिर 7-7 हजार रुपीया के हिसाब से 70 करोड़ रुपीया के स्मार्ट मोबाइल फोन खरीदलस, बाकिर समाज कल्याण विभाग सेविका लोग के स्मार्ट ना बना पवलस। इहे ना सरकार मोबाइल खरीदला के बाद एकरा के कइसे चलावे के बा एकर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलवलस। बाकिर तबो आंगनबाड़ी सेविका लोग के स्मार्ट ना बनावल जा सकल। अब एकरा पाछा के कारण इहे निकल के आ रहल बा कि अधिकतर सेविका पचास बरिस से बेसी या ओकरा आसपास के उमिर के बा लोग जवना से ओह लोग के समुझावने में मोश्किल हो रहल बा। अब आंगनबाड़ी सेविका लोग के स्मार्ट फोन चलावे में आ रहल परेशानी के देखत विभाग एह लोग के छव महिना के आउर प्रशिक्षण देवे के फैसला लिहले बा। एहयोजना में राज्य के लगभग एक लाख सेविका के इसीडीएस मोबाइल कैश से जोड़ल गइल बा।

ओहिजा दोसरा ओर देखल जाव त संच्चाई इहे बा कि आंगनबाड़ी पर अधिकतर सेविका बस नांव भर के मैट्रिक पास बा लोग। एह लोग के ठीक  से लिखे-पढ़े भी ना आवे। एकरा बावजूदो ई लोग सेंटर चला रहल बाड़ी। एह कारण से  प्रशिक्षण लिहला के बादो एह लोग के  मोबाइल चलावे में परेशानी हो रहल बा। एह सबके बावजूद विभाग प्रशिक्षण के माध्यम से सेविका लोग के स्मार्ट  बनावे में जुटल बा।

एह लोग के प्रशिक्षण देवे खातिर विभागीय मंत्री के कहनाम बा कि अगिला छव महिना तक आंगनबाड़ी सेविका लोग के प्रशिक्षण दिहल जाये आ जंहवा-जंहवा स्मार्ट फोन चलावे में महिला सक्षम नइखे, ऊ अपना परिवार के कवनो एगो सदस्य के सहयोग खातिर राख सकत बाड़ी। अब जवन भी होखो बाकिर फिलहाल त सत्र करोड़ के ई योजना त सरकार खातिर उजरका हाथी ही सिद्ध हो रहल बा।

 

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