पालघर के घटना के पाछे केकर रहे हाँथ?  

पालघर के घटना के पाछे केकर रहे हाँथ 

फाइल फोटोः संत कल्पवृक्ष गिरी आ सुशील गिरी

 

 

 

 

 

 

अहिंसा परमो धर्मः के आपन मूल मन्त्र माने वाला गाँधी बाबा के देश मे क्षत्रपति शिवाजी,संत एकनाथ, संत नामदेव जइसन अनगिनित सन्त के जनम देवे वाली पावन धरती महाराष्ट्र राज्य के पालघर जिला में गड़चिनचले गाँव मे 16 अप्रैल 2020 के राती के एगो अइसन जघन्य घटना घट गइल जेकरा के देखी के सुनी के समूचा देश में आक्रोश के आगी भड़क रहल बा । का रहे उ घटना ? कहल जाला की तस्वीर कबो झूठ ना बोले । एहिजा त ओह जघन्य घटना के वीडियो बा आ उ सोशल मीडिया प खुबे वायरल बा रउवो देखलही होखब । ना खाली सोशल मीडिया बलकि नेशनल मीडिया के कुल्हिये चैनल पर ई वीडियो खुबे लउकता । जेकरा के देखी के कवन अइसन इन्सान होखी जेकर रूह ना काँप जाई । सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय खातीर आपन घर परिवार सुख सुविधा के हराम समझी के भगवा के अपनावे वाला जुना अखाड़ा के दु गो साधु स्वामी कल्पबृक्ष गिरी(70 वर्ष), स्वामी सुशील गिरी (35 वर्ष)उनकर ड्राइवर नीलेश तेलगड़े के साथे कोरोना महामारी के चलते लॉक डाउन आ ओहि  चलते कुल्हिये चिझ बन्द बा एह कठिन समय में अपना गुरु के मउवत के समाचार सुनी के  बम्बई से गुजरात खातीर गाडी से निकल गइलन जा । पुलिस के रोकला के चलते ये लोग गाँव से होके जाए वाला रास्ता ध लिहल इहे काल हो गईल ओ लोग खातिर, गाँव वालन के नजर में आ गइलन जा । बच्चा चोर के अफवाह के चलते उ लोग साधु के ओहि गिरोह के समझी लिहलसि आ दण्ड देवे खातीर उतावला हो गइल । एहिजा तक त कुल्हिये सामान्य बात बा । केहुके सूचना पर पुलिस आ गइल आ ओह लोग के अपना हिरासत में ले लिहलस आ एगो घर में ले गईल | भीड़ के दबाब में वीडियो में लउकता की पुलिस घर के बहरी निकल के 70 बरिस के जे बुजुर्ग साधू  जवन पुलिस वाला के हाँथ धइले रहलन जान बचावे खातिर, आपन हाँथ छोड़ा के भीड़ के सौंप दिहलस | उ जाहिल उन्मादी भीड़ डंडा सोटा इट पाथर से कूट कूट के जबरदस्ती प्राण  के शरीर  से बाहर निकाल दिहलस | वीडियों देखि के निर्दयी से निर्दयी आदमी के करेजा काँपी जाई मानवता के हत्या हो गईल इंसानियत एक बार फिर शर्मशार भईल | खाकी के कायरता देखि के पुलिस जमात के भी सिर झुकी गईल | खाली बेकसूर साधु के मृत्यु ना भइल मृत्यु भइल पुलिस के प्रति आसा क विश्वास क ।

जीव हत्या के पाप समझे वाला धरती पर भीड़ द्वारा हत्या के केहू ना सराही | जनसाधारण के खुदे दण्ड देवे के मनोवृति कवनो भी उन्नत समाज खातिर चिंता के बात त बटले बा | अगर जन मानस सड़की पर उतरी के खुदे अपराध के फैसला करे लगिहन तब देश में अराजकता के स्थिति पैदा हो जाई | अइसने खतरा से देश कई बेर रूबरू हो चुकल बा | कबो गो हत्या के शक पर पहलू खान अउरी  रकबर खान के जान गवावे के परल, त कबो लव जिहाद, बच्चा चोर के शक में भीड़ बेकसूर के जान ले लिहलस त कबो अखलाख के जान लिहलस गो मांस के शक | ऑन द स्पॉट न्याय के सोच उहो खाकी के सोझा देखावता की उपद्रवी के दिल में कानून के ना कवनो डर बा ना इज्जत | निरीह आ बेबस लाचार गरीब पर कहर बनी के टुटेले खाकी ओहिजे रसूखदार के चेरी बनी जाले खाकी बर्तमान के कुछ घटना एही ओर इसारा करता |

कइसे राति के दस गियारह बजे १००-२०० के भीड़ इकठा हो गईल ? उहो कोरोना के चलते लॉक डाउन में जहां जहां चपा चपा पर पुलिस प्रसासन के नजर बा | शक पैदा करता | हिरासत में ले के भीड़ के सौप दिहल पुलिस के कायरता के देखावता | कोरोना महामारी में आपन जान के आफत में डाल के राती दिन देवदूत नियन जन सेवा में आगे खाड़ पुलिस के एगो अलगे रूप के दर्शन भईल एहिजा | पुलिस के वर्दी में एतना ताकत होला की बड़ से बड़ अपराधी भी खाकी के देख के भागेला | भले भीड़ में आदमी के संख्या अधिका रहे लेकिन साधू लोग के बचावे के मनोभाव ना लउकल विडिओ में लउकत दुनो पुलिस वालन के चेहरा पर | तीन घंटा ले अधिका रक झक चलल एतना समय में अतिरिक्त पुलिस बल काहें ना बोलावल गईल का मजबूरी रहे, ई समझ में नइखे आवत ?  खाकी के सोझा न्याय के रक्षक के सोझा हत्या, शर्मसार भईल खाकी |

भीड़ देखि के लागता भीड़ के सिर पर खून सवार बा, भीड़ के बुझाइल साधू चोर हउअन स, साधू लोग के पूरा बिस्वाश रहे की खाकी के सोझा जान सुरक्षित बा, खाकी के लागत रहे की एह घटना के पता केहू के चलबे ना करी | ए राति के घटना के राज, राजे रह जाई | दू दिन तक ई बात सांचे रहे | पालघर के जघन्य हत्या काण्ड के दू दिन बाद वायरल भईल वीडियो ओके देखि के प्रसाशन हरकत में आइल, वीडियो के आँखि बंद करके देखे वाला आ कान बंद करके सुनेवाला से ई उम्मीद कइल ठीक त नहिये रही की उ कुछ बोलबो करी |

अब आवेवाला समय आगे जरूर देखि की बेकसूर के हत्यारन के बचावे खातिर कबो लोकतंत्र के नाम पर त कबो मानवधिकार के नाम पर, कइसे कइसे आपन ताकत के प्रयोग होइ | न्याय के नाम पर एह बेवस्था के बड़हन ओकील अपना अकील ज्ञान के चलते न्यायालय से तारीख पर तारीख बढ़ावत रहिहन | मानवधिकार के नाम पर न्याय के लम्बा खिंचाई | एतना लम्बा की जनता दूसर कुल्हिये घटना जइसन एहू के भुला जाई | बड़ा कमजोर यादाश्त होला जनता जनार्दन के | पाछे घटल अइसने कुछ घटना पर कुर्ता फ़ारे वाला चिचियाये वालन के जबान पर ताला लागल बा | लोकतंत्र खतरा में बिलकुल नइखे संविधान बिलकुल सुरक्षित बा | देश में सेकुलर के झंडा बुलंदी पर बा | केहू के एहिजा रहे में बिलकुल डर नइखे लागत ना केहू के आपन पुरस्कार के वापस देवे के इयाद परता | “अपराध आ अपराधी के धर्म ना देखे के चाहि” ई खाली किताबे में शोभा देता हकीकत में कहीं लउकत बा का ?

पहिले के अपेक्षा आज के भीड़ अधिक उग्र अउरी हिंसक बिया, केहू रोके आ समझावे वाला नइखे, बटलो बा त संख्या बहुते कम बा  | भीड़ एतना हिंसक काहें हो जातिया की कानून के अपना हाँथ में लेवे में डेरात नइखे  ? न्याय में होखत देरी अउरी जन साधारण के पहुंच से दूर होखत कानून, बेवस्था पर घटत बिश्वाश आ राजनितिक सरंक्षण उग्र होखे के बड़का वजह बा, आज के मीडिया खासकर सोशल मीडिया के वजह से अफवाह गलत समाचार आ भड़काऊ बात तेजी से फईल जाता जंगल के आगी नियन | जेकर नतीजा सभकरा सोझा बा |

धियान रहे कि मउअत कभी भी सुखद ना होला अउरी ई अउरी अधिका कष्टदायी तब हो जाला जब मउअत के कारण लोगन के भीड़ अउरी उनका भीतर के रोष होखे | अभी तक ले शायद सौ से जियादे आदमी के गिरफ्तार कइल गईल बा आ दोषी पुलिस वालन के भी बर्खास्त कइल गईल बा | एह घटना के पाछे कवनो साजिश त ना रहे ? आशा बा राज्य सरकार निष्पक्ष जांच करी राजनीति ना करी  दोषिअन के कठोर से कठोर सजा जल्दी देवे के बेवस्था करी ताकी अपराधी के अपराध करे में जी काँपी आ साधारण जनता के मन में कानून के प्रति बिश्वाश जागी |

 

 

 

 

 

✍तारकेश्वर राय “तारक”
गुरुग्राम, हरियाणा

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