दिल्ली में वोटिंग के बाद परिणाम के इंतजार

भोजपुरी समय: दिल्ली विधान सभा चुनाव (Delhi Assembly Election 2020) देश के दिल कहाये वाला दिल्ली में 70 विधानसभा सीट ख़ातिर शनिवार के वोटिंग क समय त ओरा गइल । दिल्ली विधानसभा चुनाव में करीब 57.08 प्रतिशत वोटिंग भइल । ई वोट के प्रतिशत बतावता की दिल वालन के ठीहा दिल्ली के सेतिहा में मिलल सुविधा पहिला पसन्द बा दुसर मुद्दा ओकरा खातिर कवनो खास माने नइखे रखत ।

2015 के चुनाव में 67.2 प्रतिशत मतदाता आपन मतदान के उपयोग कइले रहलन आ 70 गो सीट में से 67 सीट पा के आप दिल्ली में सरकार बनवलस । बीजेपी के महज तीन सीट पर संतोष करे के पड़ल । कांग्रेस के त खाता ही ना खुलल ।

हालांकि 2015 के मुकाबले ये बार मतदान में भारी कमी देखे के मिलल । लेकिन बहुत असाधारण चीज भी देखे के भेटाईल, जे कागज ना देखावे ख़ातिर लागातार धरना प्रदर्शन करत रहे उहो आपन पहचान के कागज लेके खूबे ढेर मात्रा में लाइन में मतदान खातीर खाड़ मिलल । पुरा दिन सोशल मीडिया पर मतदान ट्रेंड करत रहे लेकिन जमीन पर उ मुस्तैदी नजर ना आइल ।

काटल काटल अपशब्दन के जमी के उपयोग भइल । एक दूसरा पर दोषारोपण आम बात रहल जवन हर चुनाव में होला ।

लोकतंत्र के महापर्व में ओकरे सहभागिता कम नजर आइल जेकरा पास शिकायत के बोझा तैयार रहेला हमेशा । प्रशासन से ढेर शिकायत रहेला । पढ़ल लिखल शहरी सुख सुविधा से सम्पन्न दिल्ली वालन पर आलस भारी पड़ल दिल्ली, मतदान के लोकपर्व पर छुट्टि के रूप में शनिवार के मनावे के भावना भारी पड़ल । सोशल मीडिया पर वोट के लेके जवन मुस्तैदी नजर आवत रहे उ जमीन पर नदारद मिलल।

एक्जिट पोल के अनुसार देश पर सबसे जियादे समय तक राज करे वाला काँग्रेस पार्टी आज महज एगो सीट खातीर तरश रहल बा | समय जवन ना देखावे । महज एक साल पहिले लोकसभा चुनाव में दिल्ली के कुल्हिये सीट पर कब्जा करे वाली भारतीय जनता पार्टी भी सत्ता से दूरे बा अभी के एक्जिट पोल के अनुसार । दिल्ली के मतदाता ई सन्देश देहलन कि बात जब राज्य के होखी त ओकर पसन्द दुसर बा ।

आप के मुख्यमंत्री चेहरा अरबिंद केजरीवाल ही जनता के पहिला पसन्द बा । ओके बीजेपी के फ्रेंचाइजी मॉडल पसन्द नइखे । उ ओके नकार दिहलस । उ दूसरा स्थान पर रही । बाकी सब हवा हवाई रही वर्तमान एक्जिट पोल के मुताबिक ।

जनता त आपन मत ईवीएम में दर्ज क चुकल बिया अब इंतज़ार बा त 11 तारीख के । जब मतदान के गणना होई आ पता चली की जनता के के ताज पहिनाइ आ केकरा के बिपक्ष में बइठाई । हर राजनीतिक पार्टी अपना के बहुमत पावे क दावा ठोकत बाणी स । इंतजार के घड़ी लमहर जरूर होला लेकिन एकरा सिवाय रास्ता भी त नइखे । तबले मीडिया के एक्जिट पोल के उठा पटक देखल जाव ।

तारकेश्वर राय ‘तारक’

तारकेश्वर राय ‘तारक’

एगो बहुराष्ट्रीय संस्थान में प्रबन्धक के रूप में गुरूग्राम में कार्यरत। उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिला के सोनहरीया गाँव में जनम। लालन पालन शिक्षा दीक्षा महानगर में भइला के बादो गाँव गिरांव आ माटी से जुड़ल भोजपुरी रचनाकार।

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