खेती के लाभकारी बनावे के परियास बा बजट 2020

कृषि बजट 2020आर्थिक मंदी के कारन अर्थव्यवस्था के सगरी क्षेत्रन से बजट 2020 से बहुते उम्मीद लागल रहल हऽ। बजट 2020 कुछ उम्मीदन के पुरा कइले बा तऽ कुछ उम्मीदन के ओर धियान नइखे दे पवले। बाकिर खेती के हाल सभसे बाउर भइला अउरी मोदी सरकार के 2022 ले किसानन के कमाई दोगुना करे के वादा के कारन ई उम्मीद रहल हऽ कि ई बजट जरूर गाँवन अउरी खेती के ओर विशेष धियान दी। मालूम होखे के चाहीं कि देश के अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजरत बा जेवना में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आइल माँग के कमी के बहुत बड़ जोगदान बा।

उम्मीद के हिसाब से ई बजट ना खाली खेती के कुछ ऐतिहासिक कमजोरीन के ठीक करे के परियास करत लउकत बा बलुक पुरा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मंदी से उबारे खाती ई बजट भरपूर परियास करत लउकत बा। बाकिर एह बजट के सफल कार्यान्वयन खाली एह घोषणन से बेसी महता के बात बा। तब्बो ई बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था अउरी खेती से जुड़ल कुछ पुरान बेमारी के ठीक करे परियास जरूर बा। एह बजट के कुछ बरियार बिन्दु के चर्चा एह लेख में कइल गइल बा।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जब संसद में वित्तीय वर्ष 2020-21 खाती बजट पेश कइली तऽ सभकर धियान एही ओर रहे कि एह बजट में वित्तमंत्री कृषि अउरी ग्रामीण विकास खाती का-का घोषणा करत बाड़ी। एह बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था अउरी खेती में ना खाली निवेश बढ़ावे खाती धन के आवंटन भइल बा बलुक कुछ बहुत पुरान संरचनात्मक कमजोरीन के ठीक करे के परियासो भइल बा। एह बजट में खेती से जुड़ल कानूनन में सुधार, कोआपरेटिव के खाती टैक्स सुधार, किसानन खाती केसीसी के तहत उधारी के सुविधा के बढ़ावे के प्रस्ताव, ग्राम पंचायतन में इन्टरनेट के बेहतर सुविधा, बंजर जमीन से कमाई और खेती के सामानन के ढ़ोआई अउरी स्टोरेज खाती कृषि रेल अउरी कृषि उड़ान योजना के शुरूआत, सिंचाई के परम्परागत बिजली पऽ निर्भरता कम करे खाती 20 लाख सोलर पंप लगवावे के योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं मनरेगा जइसन अनेकन योजनन के घोषणा भइल बा। खेती अउरी गाँवन के विकास खाती सरकार कुल्ह 2.88 लाख करोड़ रुपिया के आवंटन कइले बिया। एह बजट में से 1.65 लाख करोड़ रुपिया सिंचाई अउरी खेती के विकास खाती आवंटित भइल बा अउरी 1.23 लाख करोड़ रुपिया गाँव अउरी पंचायतीराज के विकास खाती आवंटित भइल बा।

एह बजट में जेतना योजनन के घोषणा अउरी धन के आवंटन भइल बा ऊ ग्रामीण अर्थव्यवस्था अउरी कृषि खाती काफी तऽ नइखे बाकिर एह बेरी घोषणा से ई साफ बा कि भले मजबूरिए में सही बाकिर सरकार के प्राथमिकता में खेती अउरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था आ गइल बे। अउरी बा भविष्य में जदि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था खाती आवंटन ना बढ़ा के एतनो धियान देत रहे तऽ बहुत जल्दिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था अउरी खेती के समस्यान के सामाधान होखे लागी अउरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार के मोका अउरी खेती लाभकारी व्यवसाय बन जाई। जदि सरकार सही तरीका से एह बजट के लागू करे में सफल रहल अउरी लगातार खेती में निवेश करत रहल तऽ सरकार के 2022 ले किसानन के आय के दोगुना करे सपना समय से पुरा हो सकेला।

राजीव उपाध्याय अर्थशास्त्री

 

 

 

 

राजीव उपाध्याय

राजीव उपाध्याय

आर्थिक विषय के टिप्पणीकार। भोजपुरी, हिन्दी अउरी अंग्रेजी में साहित्य रचना। भोजपुरी के साहित्यिक पत्रिका 'मैना' के संपादक। डेल्ही स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स से पीएचडी अउरी दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक।

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