का होई लॉकडाउन 3.0 के?

जब दुनिया भर में कोरोना वायरस से जंग छिड़ल बा, जहां बड़का बड़का सुपर पावर देश एकरा आगे आपन ठेहुना रोप देले बा। अइसन में हमनी के आपन देश भारत जदि आज कई देशन से बेहतर इस्थिति में बा त ई सभ सरकार के द्वारा लगावल लॉकडाउन के ही परिणाम बा। बाकिर जइसे जइसे समय बढ़त जाता लोग अब एह लॉकडाउन से ऊबीया रहल बा। खैर लोग के त कामे बा कुछ ना कुछ कहल। हम आ रउआ कुछ नइखीं सं कर सकत। चलीं ई सभ छोड़के आज के मुद्दा पर आइल जाव, अब चूंकि लॉकडकउन 3.0 के खत्म होखे में एक हफ्ता रह गइल बा अइसन में आज पीएम मोदी देश के तमाम राज्यन के मुख्यमंत्री लोग के संगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बइठक कइले बाड़न। ई बइठक के अगर निचोड़ निकाल जाव त ईहे बाकि अधिकांश राज्य लॉकडाउन के बढ़ावे के पक्ष में बाड़न। ई त ठीक बा बाकि जवन यक्ष प्रश्न लोग के सोझा अब खड़ा हो रहल बा कि जवन मजदूर तबका बा ओकर का होई। पहिले के दूगो लॉकडाउन में सरकार केहू के कतहीं आवे जाए के इजाजत ना दिहलस बाकिर अबहीं राज्यन के मांग के कारण सरकार के श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलावे के पड़ल बा। जवना से कि अपना राज्यन से बाहर गइल जना-मजूरा वापस अपना घरे आ सकस। एक ओर जहां प्रधानमंत्री राज्यन के तारीफ कर रहल बाड़न की देश एह महामारी के असर से जेतना बांचल बा एह में हर राज्य आपन भूमिका के निर्वहन बहुते शानदार तरीका से कइले बा त ओहिजा ऊ दोसरा तरफ इशारा में ईहो कह रहल बाड़न कि आगे के रणनीति सभका सलाह से ही तय होखी। अगर अबहीं तक के आंकडन पर नजर डालल जाव त ई कवनो नीमन संकेत नइखे। आज जहां 24 घंटा में 4000 से अधिका नया मामला सोझा आइल हऽ ओहिजा 24 घंटा में 97 लोग काल के गाल में समा गइल। एह सभ के देखत हमरा विचार में सरकार के अबहीं लॉकडआउन नाहिए खोले के चाहीं। हं ई एगो बात जरुर बा कि लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था पर बहुते खराब असर पड़ल बा, बाकि लोग के जिनगी के दांव पर लगा के कवनो अर्थव्यवस्था कबो आगे नइखे बढ़ सकत। सरकार के चाहीं कि प्रवासी मजदूरन के ओह लोग के गृहराज्य में ना भेज के जहंवा ऊ बाड़न ओहिजा समुचित व्यवस्था माने की खाए-पिए के आ रहे के इंतजाम कर देव। ऐसे दूगो बात के फाचदा होखी पहिलका ई कि लोग जहां बा ओहिजा रही त लॉकडाउन के बाद कहीं भी कल कारखाना में चाहे कवनो सेक्टर में मजदूर के कमी ना होखी, दोसरका ई कि ई लोग जवना भी राज्य के बा लोग अगर ओजा एह घरी जाई लोग त कोरोना के संक्रमण के फइले के संभावना बढ़ जाई। आ अइसन कई गो मामला झारखंड आ बिहार में सामने आइल भी बा। सरकार के चाहीं कि ऊ एह समय लोग के बचावे पर पूरा धेयान देवे आ जदि लॉकडाउन बढ़ावे के भी पड़ता जवन कि होखबे करी त ओकरा में कुछ सीमित छुट के संगे जरुरी कल कारखाना खोले के अनुमति देव। एह समय में युवा वर्ग आ छोट बचवन के एह संक्रमण से बचावल जरुरी बा, ई तबे संभव बा जब सरकार कवनो भी इस्कूल कॉलेज के जुलाई के आखिरी हफ्ता से पहिले खोले के आदेश मत देवे।

राम प्रकाश तिवारी

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