आरा में होखी 5 दिन के भोजपुरी नाट्योत्सव

 भोजपुरी समय, मनोरंजन डेस्क: नाट्यकर्म खातिर समर्पित दिल्ली के संस्था रंगश्री 2013 से लगातार भोजपुरी नाट्योत्सव के आयोजन करत आ रहल बा। हर साल के जइसन एह साल 6ठा भोजपुरी नाट्य महोत्सव के आगाज 1 मार्च से बाबू वीर कुअंर सिंह के पुण्य धरती भोजपुर के बहियारा (चांदी) में होखी। पांच दिन तक बहियारा में अलग-अलग पांचगो नाटक कइला के बाद बिहार के राजधानी पटना के कालीदास रंगालय में दूसरा चरण में चारगो प्रस्तुति आ फेर तीसरा चरण में देश के राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र में चारगो प्रस्तुति करत 31 मार्च के एह महोत्सव के समापन हो जाई।

रंगश्री के संस्थापक महेन्द्र प्रसाद सिंह जी बतईनी कि महोत्सव के आगाज एक मार्च के भोजपुर के बहियारा स्थित रामानंदी यज्ञलाल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के ऑडिटोरियम में होई। राज्यसभा के सांसद आ भोजपुरी प्रेमी श्री आर.के. सिन्हा एह नाट्यमहोत्सव के उद्घाटनकर्ता होइहें। पांचो दिन अलग-अलग पांच गो भोजपुरी नाटक ‘बबुआ गोबरधन’, ‘लाचारी ब्रम्हचारी’, ‘बिरजू के बिआह’, ‘मास्टर गनेसी राम’ आ ‘कचोट’ के मंचन कइल जाई। ओकरा बाद टीम पटना आ दिल्ली में ई सब नाटकन के मंचन करी। भोजपुरी भाषा आन्दोलन में रंगश्री के ई योगदान सभ भाषा प्रेमियन के मनोबल बढ़ावे के साथ-साथ भोजपुरी नाट्यकर्म के भी बढ़ावा देवे के काम करी। जानल जरूरी बा कि रंगश्री साल 1976 से भोजपुरी रंगकर्म में लागल बा। देश भर में घूम-घूम के भोजपुरी नाटकन के मंचन करके साहित्यसेवा कर रहल बा। भोजपुरी साहित्य के समृद्ध करे खातिर हिंदी कहानियन आ नाटकन के भोजपुरी में आ भोजपुरी के हिंदी में मंचन करत रहेला।

संस्था से जुड़ल रंगकर्मी , नाटककार आ भोजपुरी के युवा साहित्यकार लव कान्त सिंह ‘लव’ एह महोत्सव के बारे में कहलें की दिल्ली जइसन महानगर में भोजपुरी के नाटक लगातार कइल कौनो आंदोलन से कम नइखे बाकी अपना माटी में जाके नाटक करे के आनंदे अलग बा। एकरा से पहिले साल 2017 में रंगश्री के टीम सिवान में पांच दिन के नाट्योत्सव कईले रहे। ओजा नाटक करत बहुत मजा आइल रहे। ओइसने उम्मीद आरा आ पटना से भी बा। अब देखल जाओ की अबकी के अनुभव कइसन रही।

भोजपुरी समय के ओर से रंगश्री के एह नाट्योत्सव के सफलता खातिर अगवड़ बधाई आ सुकामना बा।

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